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झारखंड में अवैध खनिज परिवहन में देवघर, चाइबासा और पलामू टॉप पर, 5 साल में 24 हजार वाहन जब्त; देखें जिलेवार लिस्ट

Published: Fri, 25 Sep 2026 02:47 PM (IST)

पलामू अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई में राज्य में तीसरे स्थान पर है, जहां पिछले पांच वर्षों में 1,714 ...और पढ़ें

राज्य में पांच वर्षों में 24,322 वाहनों पर कार्रवाई।

राज्य में पांच वर्षों में 24,322 वाहनों पर कार्रवाई।

HighLights

  1. पलामू में पांच वर्षों में 1,714 वाहन जब्त किए गए।

  2. झारखंड में कुल 24,322 वाहनों पर कार्रवाई हुई।

  3. अवैध परिवहन, दस्तावेज उल्लंघन पर होती है जब्ती।

जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ खनन विभाग की कार्रवाई में पलामू राज्य में तीसरे स्थान पर है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 में जुलाई तक जिले में कुल 1,714 वाहन जब्त किए गए हैं। इनमें ट्रक, हाइवा, ट्रैक्टर समेत खनिज परिवहन में इस्तेमाल होने वाले अन्य वाहन शामिल हैं।

राज्य में इसी अवधि में सबसे अधिक कार्रवाई देवघर में हुई है, जहां 1,885 वाहन जब्त किए गए। चाईबासा 1,772 वाहनों की जब्ती के साथ दूसरे स्थान पर है। पलामू में पांच वर्षों के दौरान जब्ती के आंकड़ों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जिले में सबसे अधिक 517 वाहनों की जब्ती वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुई थी।

चार माह में 183 वाहन जब्त

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पलामू में वित्तीय वर्ष 2022-23 में 339 वाहन जब्त किए गए थे। 2023-24 में यह संख्या घटकर 239 हो गई। इसके बाद 2024-25 में जब्ती की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई और 517 वाहनों पर कार्रवाई की गई।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 436 वाहन जब्त किए गए। वहीं मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से जुलाई तक महज चार महीने में 183 वाहनों को जब्त किया जा चुका है। पूरे वित्तीय वर्ष का आंकड़ा आने के बाद ही इस वर्ष की कार्रवाई की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

2024-25 में सबसे अधिक कार्रवाई

पलामू में पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024-25 में सबसे अधिक 517 वाहनों की जब्ती हुई। इसके बाद 2025-26 में 436 और 2022-23 में 339 वाहनों पर कार्रवाई की गई। वहीं 2023-24 में जब्ती का आंकड़ा पांचों अवधियों में सबसे कम रहा। उस वर्ष कुल 239 वाहन जब्त किए गए थे।

वित्तीय वर्ष पलामू में जब्त वाहन
2022-23 339
2023-24 239
2024-25 517
2025-26 436
2026-27 (जुलाई तक) 183
कुल 1,714

राज्य में पांच साल में 24,322 वाहन जब्त

झारखंड में अवैध खनिज परिवहन और खनन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई का आंकड़ा भी काफी बड़ा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 में जुलाई तक राज्यभर में कुल 24,322 वाहनों को जब्त किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य में 6,292 वाहन जब्त किए गए थे। 2023-24 में यह संख्या घटकर 5,632 हो गई। 2024-25 में मामूली बढ़ोतरी के साथ 5,794 वाहन जब्त किए गए, जबकि 2025-26 में यह आंकड़ा फिर घटकर 5,162 रह गया।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से जुलाई तक राज्य में 1,442 वाहनों पर कार्रवाई हुई है। यह केवल चार महीने का आंकड़ा है, इसलिए इसकी तुलना पिछले पूरे वित्तीय वर्षों के आंकड़ों से सीधे करना उचित नहीं होगा।

वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर होती है कार्रवाई

खनिज लदे वाहनों की जांच के दौरान वैध परिवहन दस्तावेज, चालान और अन्य जरूरी कागजात की जांच की जाती है। दस्तावेजों में अनियमितता मिलने, अवैध खनिज परिवहन या खनन नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

अधिकृत अधिकारी खनिज लदे वाहनों की जांच करते हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन को जब्त किया जाता है। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य अवैध खनिज परिवहन पर अंकुश लगाना, खनन नियमों का पालन सुनिश्चित करना और सरकार के वैध राजस्व की सुरक्षा करना है।

चाईबासा में एक साल में 1,159 वाहन जब्त

जिलेवार आंकड़ों में कुछ जिलों में एक वित्तीय वर्ष के दौरान जब्ती की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। चाईबासा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 1,159 वाहन जब्त किए गए। यह आंकड़ा जिले में पांच वर्षों के कुल 1,772 वाहनों की जब्ती में सबसे बड़ा हिस्सा है।

देवघर में पांच वर्षों के दौरान कुल 1,885 वाहन जब्त किए गए। धनबाद में 1,571, कोडरमा में 1,478 और हजारीबाग में 1,381 वाहनों पर कार्रवाई हुई।

सिमडेगा में सबसे कम जब्ती

पांच वर्षों के कुल आंकड़ों में सिमडेगा में सबसे कम 488 वाहन जब्त किए गए हैं। इसके बाद गुमला में 507 और सरायकेला-खरसावां में 537 वाहनों पर कार्रवाई हुई है।

राज्य के अलग-अलग जिलों में जब्ती के आंकड़े अलग-अलग हैं। खनिज गतिविधियों, परिवहन मार्गों और विभागीय जांच अभियान के स्तर में अंतर के कारण जिलों के आंकड़ों में अंतर हो सकता है। उपलब्ध आंकड़ों से इन कारणों के अलग-अलग प्रभाव का आकलन नहीं किया जा सकता है।

झारखंड में जब्त वाहनों का आंकड़ा

जिला 2022-23 2023-24 2024-25 2025-26 2026-27 (जुलाई तक) कुल
देवघर 550 552 481 245 57 1,885
चाईबासा 113 126 224 1,159 150 1,772
पलामू 339 239 517 436 183 1,714
धनबाद 599 500 185 175 112 1,571
कोडरमा 383 458 304 249 84 1,478
हजारीबाग 346 520 316 159 40 1,381
पाकुड़ 318 207 338 338 52 1,253
चतरा 265 230 311 351 89 1,246
गिरिडीह 229 298 332 233 115 1,207
रांची 279 289 489 101 5 1,163
गढ़वा 379 177 202 173 47 978
गोड्डा 398 235 120 99 26 878
बोकारो 234 220 190 127 68 839
जमशेदपुर 122 139 200 193 73 727
लोहरदगा 135 172 243 159 20 729
रामगढ़ 207 263 124 84 47 725
खूंटी 183 183 191 109 23 689
जामताड़ा 218 195 98 87 49 647
लातेहार 99 66 210 203 57 635
दुमका 225 106 149 116 21 617
साहिबगंज 312 114 145 23 12 606
सरायकेला-खरसावां 103 80 192 123 39 537
गुमला 139 110 133 81 44 507
सिमडेगा 117 103 100 139 29 488
कुल झारखंड 6,292 5,632 5,794 5,162 1,442 24,322

आंकड़ों में पलामू की स्थिति

पांच वर्षों के कुल आंकड़ों में पलामू 1,714 वाहनों की जब्ती के साथ राज्य में तीसरे स्थान पर है। जिले में 2024-25 के दौरान सबसे अधिक 517 वाहनों पर कार्रवाई हुई। वहीं 2026-27 में जुलाई तक 183 वाहन जब्त किए जा चुके हैं।

राज्य में कुल 24,322 वाहनों की जब्ती हुई है। इनमें देवघर 1,885 वाहनों के साथ सबसे ऊपर, चाईबासा 1,772 के साथ दूसरे और पलामू 1,714 वाहनों के साथ तीसरे स्थान पर है।

नोट: 2026-27 का आंकड़ा अप्रैल से जुलाई तक का है। इसलिए इसे पूरे वित्तीय वर्ष का आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। वाहन जब्ती कार्रवाई किसी मामले में अंतिम दोषसिद्धि के समान नहीं है; संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाती है। 

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