झारखंड में अवैध खनिज परिवहन में देवघर, चाइबासा और पलामू टॉप पर, 5 साल में 24 हजार वाहन जब्त; देखें जिलेवार लिस्ट
पलामू अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई में राज्य में तीसरे स्थान पर है, जहां पिछले पांच वर्षों में 1,714 ...और पढ़ें

राज्य में पांच वर्षों में 24,322 वाहनों पर कार्रवाई।
HighLights
पलामू में पांच वर्षों में 1,714 वाहन जब्त किए गए।
झारखंड में कुल 24,322 वाहनों पर कार्रवाई हुई।
अवैध परिवहन, दस्तावेज उल्लंघन पर होती है जब्ती।
जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ खनन विभाग की कार्रवाई में पलामू राज्य में तीसरे स्थान पर है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 में जुलाई तक जिले में कुल 1,714 वाहन जब्त किए गए हैं। इनमें ट्रक, हाइवा, ट्रैक्टर समेत खनिज परिवहन में इस्तेमाल होने वाले अन्य वाहन शामिल हैं।
राज्य में इसी अवधि में सबसे अधिक कार्रवाई देवघर में हुई है, जहां 1,885 वाहन जब्त किए गए। चाईबासा 1,772 वाहनों की जब्ती के साथ दूसरे स्थान पर है। पलामू में पांच वर्षों के दौरान जब्ती के आंकड़ों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जिले में सबसे अधिक 517 वाहनों की जब्ती वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुई थी।
चार माह में 183 वाहन जब्त
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पलामू में वित्तीय वर्ष 2022-23 में 339 वाहन जब्त किए गए थे। 2023-24 में यह संख्या घटकर 239 हो गई। इसके बाद 2024-25 में जब्ती की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई और 517 वाहनों पर कार्रवाई की गई।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 436 वाहन जब्त किए गए। वहीं मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से जुलाई तक महज चार महीने में 183 वाहनों को जब्त किया जा चुका है। पूरे वित्तीय वर्ष का आंकड़ा आने के बाद ही इस वर्ष की कार्रवाई की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
2024-25 में सबसे अधिक कार्रवाई
पलामू में पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024-25 में सबसे अधिक 517 वाहनों की जब्ती हुई। इसके बाद 2025-26 में 436 और 2022-23 में 339 वाहनों पर कार्रवाई की गई। वहीं 2023-24 में जब्ती का आंकड़ा पांचों अवधियों में सबसे कम रहा। उस वर्ष कुल 239 वाहन जब्त किए गए थे।
| वित्तीय वर्ष | पलामू में जब्त वाहन |
| 2022-23 | 339 |
| 2023-24 | 239 |
| 2024-25 | 517 |
| 2025-26 | 436 |
| 2026-27 (जुलाई तक) | 183 |
| कुल | 1,714 |
राज्य में पांच साल में 24,322 वाहन जब्त
झारखंड में अवैध खनिज परिवहन और खनन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई का आंकड़ा भी काफी बड़ा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 में जुलाई तक राज्यभर में कुल 24,322 वाहनों को जब्त किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य में 6,292 वाहन जब्त किए गए थे। 2023-24 में यह संख्या घटकर 5,632 हो गई। 2024-25 में मामूली बढ़ोतरी के साथ 5,794 वाहन जब्त किए गए, जबकि 2025-26 में यह आंकड़ा फिर घटकर 5,162 रह गया।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से जुलाई तक राज्य में 1,442 वाहनों पर कार्रवाई हुई है। यह केवल चार महीने का आंकड़ा है, इसलिए इसकी तुलना पिछले पूरे वित्तीय वर्षों के आंकड़ों से सीधे करना उचित नहीं होगा।
वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर होती है कार्रवाई
खनिज लदे वाहनों की जांच के दौरान वैध परिवहन दस्तावेज, चालान और अन्य जरूरी कागजात की जांच की जाती है। दस्तावेजों में अनियमितता मिलने, अवैध खनिज परिवहन या खनन नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
अधिकृत अधिकारी खनिज लदे वाहनों की जांच करते हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन को जब्त किया जाता है। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य अवैध खनिज परिवहन पर अंकुश लगाना, खनन नियमों का पालन सुनिश्चित करना और सरकार के वैध राजस्व की सुरक्षा करना है।
चाईबासा में एक साल में 1,159 वाहन जब्त
जिलेवार आंकड़ों में कुछ जिलों में एक वित्तीय वर्ष के दौरान जब्ती की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। चाईबासा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 1,159 वाहन जब्त किए गए। यह आंकड़ा जिले में पांच वर्षों के कुल 1,772 वाहनों की जब्ती में सबसे बड़ा हिस्सा है।
देवघर में पांच वर्षों के दौरान कुल 1,885 वाहन जब्त किए गए। धनबाद में 1,571, कोडरमा में 1,478 और हजारीबाग में 1,381 वाहनों पर कार्रवाई हुई।
सिमडेगा में सबसे कम जब्ती
पांच वर्षों के कुल आंकड़ों में सिमडेगा में सबसे कम 488 वाहन जब्त किए गए हैं। इसके बाद गुमला में 507 और सरायकेला-खरसावां में 537 वाहनों पर कार्रवाई हुई है।
राज्य के अलग-अलग जिलों में जब्ती के आंकड़े अलग-अलग हैं। खनिज गतिविधियों, परिवहन मार्गों और विभागीय जांच अभियान के स्तर में अंतर के कारण जिलों के आंकड़ों में अंतर हो सकता है। उपलब्ध आंकड़ों से इन कारणों के अलग-अलग प्रभाव का आकलन नहीं किया जा सकता है।
झारखंड में जब्त वाहनों का आंकड़ा
| जिला | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 | 2026-27 (जुलाई तक) | कुल |
| देवघर | 550 | 552 | 481 | 245 | 57 | 1,885 |
| चाईबासा | 113 | 126 | 224 | 1,159 | 150 | 1,772 |
| पलामू | 339 | 239 | 517 | 436 | 183 | 1,714 |
| धनबाद | 599 | 500 | 185 | 175 | 112 | 1,571 |
| कोडरमा | 383 | 458 | 304 | 249 | 84 | 1,478 |
| हजारीबाग | 346 | 520 | 316 | 159 | 40 | 1,381 |
| पाकुड़ | 318 | 207 | 338 | 338 | 52 | 1,253 |
| चतरा | 265 | 230 | 311 | 351 | 89 | 1,246 |
| गिरिडीह | 229 | 298 | 332 | 233 | 115 | 1,207 |
| रांची | 279 | 289 | 489 | 101 | 5 | 1,163 |
| गढ़वा | 379 | 177 | 202 | 173 | 47 | 978 |
| गोड्डा | 398 | 235 | 120 | 99 | 26 | 878 |
| बोकारो | 234 | 220 | 190 | 127 | 68 | 839 |
| जमशेदपुर | 122 | 139 | 200 | 193 | 73 | 727 |
| लोहरदगा | 135 | 172 | 243 | 159 | 20 | 729 |
| रामगढ़ | 207 | 263 | 124 | 84 | 47 | 725 |
| खूंटी | 183 | 183 | 191 | 109 | 23 | 689 |
| जामताड़ा | 218 | 195 | 98 | 87 | 49 | 647 |
| लातेहार | 99 | 66 | 210 | 203 | 57 | 635 |
| दुमका | 225 | 106 | 149 | 116 | 21 | 617 |
| साहिबगंज | 312 | 114 | 145 | 23 | 12 | 606 |
| सरायकेला-खरसावां | 103 | 80 | 192 | 123 | 39 | 537 |
| गुमला | 139 | 110 | 133 | 81 | 44 | 507 |
| सिमडेगा | 117 | 103 | 100 | 139 | 29 | 488 |
| कुल झारखंड | 6,292 | 5,632 | 5,794 | 5,162 | 1,442 | 24,322 |
आंकड़ों में पलामू की स्थिति
पांच वर्षों के कुल आंकड़ों में पलामू 1,714 वाहनों की जब्ती के साथ राज्य में तीसरे स्थान पर है। जिले में 2024-25 के दौरान सबसे अधिक 517 वाहनों पर कार्रवाई हुई। वहीं 2026-27 में जुलाई तक 183 वाहन जब्त किए जा चुके हैं।
राज्य में कुल 24,322 वाहनों की जब्ती हुई है। इनमें देवघर 1,885 वाहनों के साथ सबसे ऊपर, चाईबासा 1,772 के साथ दूसरे और पलामू 1,714 वाहनों के साथ तीसरे स्थान पर है।
नोट: 2026-27 का आंकड़ा अप्रैल से जुलाई तक का है। इसलिए इसे पूरे वित्तीय वर्ष का आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। वाहन जब्ती कार्रवाई किसी मामले में अंतिम दोषसिद्धि के समान नहीं है; संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाती है।
यह भी पढ़ें- झारखंड के सीओ ऑफिस में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार, राज्य के इन अंचलों से लोकायुक्त के पास शिकायतों की भरमार
