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झारखंड में MBBS सीट लॉक करने के बाद छोड़ना पड़ेगा महंगा, देना होगा 20 लाख रुपये का जुर्माना

Published: Fri, 04 Sep 2026 05:36 PM (IST)

राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीट काउंसलिंग के बाद छोड़ने पर अब 20 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। ...और पढ़ें

झारखंड में MBBS सीट लॉक करने के बाद छोड़ना पड़ेगा महंगा

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संक्षेप में पढ़ें

सच्चिदानंद, मेदिनीनगर (पलामू)। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट हासिल करना जितना बड़ी उपलब्धि है, अब उसे काउंसलिंग के बाद छोड़ना उतना ही महंगा साबित होगा। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस नामांकन को लेकर नया सख्त प्रावधान लागू किया गया है। 

काउंसलिंग पूरी होने और सीट लॉक होने के बाद नामांकन छोड़ने वाले विद्यार्थियों को 20 लाख रुपये जुर्माना देना होगा। मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज समेत राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के दौरान विद्यार्थियों से इस संबंध में सहमति पत्र भी भरवाया जा रहा है। यानी सीट स्वीकार करने के बाद विद्यार्थी बाद में नामांकन से पीछे हटता है तो उसे आर्थिक दंड के लिए तैयार रहना होगा।

जानें क्यों लाया गया इतना बड़ा जुर्माना?

दरअसल, मेडिकल कॉलेजों में काउंसलिंग के बाद सीट लॉक होने पर संबंधित सीट दूसरे विद्यार्थी के लिए उपलब्ध नहीं रह जाती। यदि सीट लेने वाला विद्यार्थी बाद में नामांकन छोड़ देता है तो कई बार उस सीट पर उसी शैक्षणिक सत्र में दोबारा नामांकन संभव नहीं हो पाता। 

इससे मेडिकल की एक महत्वपूर्ण सीट पूरे वर्ष खाली रह सकती है।  इसी स्थिति को रोकने के लिए राज्य स्तर पर यह सख्त व्यवस्था की गई है। इसका सीधा संदेश है कि काउंसलिंग में सीट मिलने के बाद विद्यार्थी सोच-समझकर ही उसे स्वीकार करें।

नामांकन के समय ही लिया जा रहा सहमति पत्र

मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में नामांकन प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों को इस प्रावधान की जानकारी दी जा रही है। नामांकन सेल के प्रमुख डा. अतुल प्रकाश के अनुसार, नामांकन की सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सीट छोड़ना नियमों के विपरीत है। सीट लॉक होने के बाद नामांकन छोड़ने से सीट पूरे वर्ष खाली रहने की स्थिति बन सकती है। नए नियम से इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

एक सीट खाली होने का बड़ा असर

मेडिकल की एक सीट सिर्फ एक विद्यार्थी के नामांकन का मामला नहीं है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीमित सीटों के कारण हर सीट महत्वपूर्ण होती है। किसी विद्यार्थी के सीट छोड़ने पर उस सीट के लिए इंतजार कर रहे दूसरे अभ्यर्थी को भी नुकसान हो सकता है। ऐसे में 20 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान विद्यार्थियों को सीट स्वीकार करने से पहले अधिक गंभीरता से निर्णय लेने के लिए बाध्य करेगा।

एमएमसीएच में 73 विद्यार्थियों का नामांकन पूरा

मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के नए सत्र के लिए स्टेट कोटे की कुल 83 सीटें निर्धारित हैं। इनमें से 73 सीटों पर नामांकन पूरा हो चुका है। पहले राउंड में स्टेट कोटे की नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार को समाप्त हो गई। वहीं, ऑल इंडिया कोटे की कुल 15 सीटों में से पहले राउंड की समाप्ति तक छह विद्यार्थियों ने नामांकन नहीं लिया है। अब दूसरे राउंड में इन सीटों पर विद्यार्थियों के पहुंचने की संभावना है। 

विद्यार्थियों के लिए क्या बदला?

  • काउंसलिंग के बाद सीट लॉक होने पर फैसला बदलना महंगा होगा।
  • नामांकन के समय सहमति पत्र भरना अनिवार्य किया जा रहा है।
  • सीट छोड़ने पर 20 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा।
  • नियम का मुख्य उद्देश्य मेडिकल सीटों को खाली होने से बचाना है।
  • विद्यार्थियों को काउंसलिंग में सीट स्वीकार करने से पहले अपनी पसंद और आगे की योजना पर गंभीरता से विचार करना होगा।

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