पलामू/गढ़वा/पलामू, जेएनएन। झारखंड के पलामू और गढ़वा जिले में मंगलवार को व्रजपात से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए।

पलामू जिले के मनातू व पांकी प्रखंड केपिपराटांड़ थाना क्षेत्र में मंगलवार को व्रजपात  में दो लोगों की मौत हो गई और दो घायल हो गए। घायलों का इलाज सदर अस्पताल मेदिनीनगर में चल रहा है। पहली घटना पांकी प्रखंड के पिपराटांड़ थाना क्षेत्र के बलमुआ गांवमें घटी। यहां फसल काटने के दौरान व्रजपात हो गया। व्रजपात से 22 वर्षीय युवक आबिद मिंया की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।

बताया जाता कि आबिद मिंया अपनेअन्य परिजन के साथ खेत में अरहर की फसल काट रहे थे। इस बीच, हल्की बारिश के साथ अचानक व्रजपात हो गया। इसकी चपेट में आने से आबिद की मौत हो गई।घटना के बाद मृतक के परिजन का रो रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम है। 

इधर, दूसरी घटना मनातू थाना क्षेत्र के उरुर गांव की है। उरुर गांव निवासी सुनैना तुरी नामक व्यक्ति की मौत व्रजपात से हो गई। बताया जाता है कि हल्की बूंदाबांदी देख सुनैना पेड़ के नीचे खड़ी हो गई। यहां अचानक व्रजपात होने से उसकी मौत हो गई। 

गढ़वा में वज्रपात में पांच महिलाओं समेत छह घायल
गढ़वा में मेराल थाना क्षेत्र के दुलदुलवा गांव के वरवाही टोला में मंगलवार की सुबह नौ बजे वज्रपात से पांच महिलाओं समेत छह लोग घायल हो गए। घायलों में मुस्ताक अंसारी, उसकी पत्नी आमना बीवी, अंसार अहमद की पत्नी शहीदा बीवी, अख्तर अंसारी की पत्नी सबीला बीवी, इश्तखार अंसारी की पत्नी तरन्नुम बीवी तथा जन्नत अंसारी की पत्नी नुसरत बीवी शामिल हैं। वज्रपात से मुश्ताक अंसारी की दो तथा कुतबुद्दीन अंसारी की एक बकरी की मौके पर ही मौत हो गई।

एकाएक मौसम के मिजाज में आए बदलाव के बाद उस समय बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। इस कारण उक्त सभी लोग खेत में रस्सी के सहारे चरने के लिए बंधी बकरियों को लाने के लिए गए थे। वे लोग बकरियों को खोलकर घर लौट रहे थे। इस बीच, वज्रपात हुआ। वज्रपात से चारों लोग वहीं गिर कर बेहोश हो गए। इसके पश्चात उनके परिजनों ने निजी वाहन से उन्हें इलाज के लिए तत्काल सदर अस्पताल में लाकर भर्ती कराया। इलाज के बाद सभी घायलों की स्थिति में सुधार हो रहा है। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ अनिल कुमार ने बताया कि सभी घायलों का ईसीजी कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वज्रपात से घायल मरीजों को बाद में हृदयआघात की भी संभावना रहती है। ऐसे में ईसीजी जांच के बाद समुचित इलाज किया जा सकेगा।

मौसम की खराबी को लेकर चतरा नहीं आए मुख्यमंत्री
मौसम की खराबी के कारण मुख्यमंत्री रघुवर दास का प्रस्तावित चतरा प्रवास अंतिम समय में स्थगित हो गया। मुख्यमंत्री भाजपा की विजय संकल्प सभा में शिरकत के लिए यहां आने वाले थे। उनके आगमन को लेकर सारी तैयारियां अधूरी रह गईं। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पर्यटन मंत्री अमर कुमार बाउरी को कार्यक्रम में शिरकत के लिए यहां भेजा। पर्यटन मंत्री सड़क मार्ग से पहुंचे और कार्यक्रम में शिरकत की। भाजपा नेताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री चतरा आने के लिए रांची हवाई अड्डा पहुंच चुके थे। लेकिन बारिश के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। करीब एक घंटा तक प्रतीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को रद​ कर दिया।

मुख्यमंत्री को 11.30 बजे यहां आना था। उनके आगमन को देखते हुए स्थानीय बाबा घाट में हेलीपैड बनाया गया था। हेलीपैड पर उनके स्वागत के लिए चतरा संसदीय क्षेत्र के प्रभारी सह बोकारो के विधायक विरंचीनारायण, स्थानीय विधायक जयप्रकाश सिंह भोगता, सिमरिया विधायक गणेश गंझू, जिला अध्यक्ष अशोक शर्मा, वरिष्ठ नेता प्रो. युगलकिशोर खंडेलवाल सहित अन्य नेता 11.00 बजे से ही इंतजार कर रहे थे। इधर जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा को लेकर व्यापक प्रबंध कर रखा था।

मुख्यमंत्री हेलीपैड स्थल से सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल इंदुमति टिबडेवाल सरस्वती विद्या मंदिर पहुंचते। ऐसे में जिला प्रशासन ने बाबा घाट से लेकर इंदुमति टिबडेवाल स्कूल तक सुरक्षाकर्मियों को प्रतिनियुक्त कर रखा था। करीब डेढ़ बजे मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद होने की सूचना स्थानीय नेताओं एवं जिला प्रशासन को मिली। उसके बाद सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया।

Posted By: Sachin Mishra