मेदिनीनगर, जागरण संवाददाता। पलामू लोकसभा सीट हमेशा से ही सभी दलों के लिए प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई रही है। इस सीट पर कांग्रेस का एकक्षत्र राज था। बाद में भाजपा ने सेंध लगाते हुए इस सीट पर चार बार कब्जा जमाया। राजद ने 2005 के आम चुनाव व 2007 के उपचुनाव में दो बार और झामुमो एक बार यहां पर काबिज रही।

2014 के लोकसभा आम चुनाव में भाजपा प्रत्याशी विष्णु दयाल राम ने राजद प्रत्याशी मनोज भूईयां को हराकर एक दशक के बाद कब्जा जमाया था। इस चुनाव में भाजपा को चार लाख 76 हजार 513 वोट मिले थे। राजद प्रत्याशी मनोज कुमार भुईयां दो लाख 12 हजार 571 वोट प्राप्त कर दूसरे नंबर पर थे। भाजपा ने राजद को दो लाख 63 हजार 982 मतों से करारी शिकस्त दी थी।

तीसरे नंबर पर झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक के प्रत्याशी घूरन राम रहे थे। इन्हें एक लाख 56 हजार 32 मत मिले थे। 2009 में झामुमो के मौजूदा सांसद कामेश्वर बैठा को टिकट नहीं मिला था। इस सीट से झामुमो ने अपना प्रत्याशी भी नहीं उतारा था। इससे नाराज होकर पूर्व नक्सली और मौजूदा सांसद कामेश्वर बैठा ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में कूद पड़े थे।

इन्हें महज 37 हजार 43 वोट मिले थे। बसपा प्रत्याशी रामपति रंजन को 20 हजार 481 व निर्दलीय प्रत्याशी श्याम लाल राम को 9592, रविंद्र कुमार रवि को 9145, भाकपा माले के प्रत्याशी सुषमा मेहता को 8386, जदयू प्रत्याशी रहे पलामू के पूर्व सांसद जोरावर राम को 7538 मत मिले थे। अन्य निर्दलीय विनोद राम को 8889, अशोक राम को 5648, बहुजन मुक्ति पार्टी के लालदेव राम को 4432 मत मिले थे। इसमें नोटा को 18287 मत मिला था।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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