जागरण संवाददाता, पाकुड़ : बिना माइनिग चालान के रेलवे के माध्यम से करोड़ों रुपये के पत्थर परिवहन के मामले में खनन विभाग ने छह लोगों को नोटिस निर्गत कर स्पष्टीकरण पूछा है। यह नोटिस रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए डाटा के आधार पर दिया गया है। जिला खनन पदाधिाकरी प्रदीप कुमार साह ने बताया कि रेलवे की मालगाड़ी से बिना चालान करीब 25 लाख सीएफटी माल की ढुलाई की गई है। विदित हो कि खनन पदाधिकारी ने बिना चालान के पत्थर ढुलाई का मामला उजागर होने के बाद मुख्य यार्ड मास्टर एवं पाकुड़ रेलवे स्टेशन के मालगोदाम अधीक्षक को पत्र लिखकर पूरे मामले में जानकारी मांगी थी। रेल अधिकारियों और कर्मियों की मिलीभगत से बिहार भेजा जाता था पत्थर

मालपहाड़ी रेलवे साइडिग के पत्थर कारोबारियों द्वारा रेल अधिकारियों और कर्मियों की मिलीभगत कर करोड़ों का पत्थर बिहार भेजने का सामने आया है। जिला खनन पदाधिकारी की कार्रवाई से इस मामले में शामिल पट्टाधारियों, प्रेषणकर्ताओं एवं मालगोदाम से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप है।

सूत्रों की माने तो अगस्त माह में बिना माइनिग परिवहन चालान के रेलवे द्वारा आरआर (रेलवे रिसीट) निर्गत कर दिए जाने से खनन विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है।

जिला खनन पदाधिकारी ने मुख्य यार्ड मास्टर एवं मालगोदाम अधीक्षक से मेसर्स ओटन दास एंड कंपनी (माइनिग) प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स एनएसएस एंड कंपनी एवं भकतराम मध्याह्न को बिना परिवहन चालान निर्गत आरआर की सूची उपलब्ध कराने के लिए पत्राचार किया था। इसके आलोक में रेलवे ने खनन विभाग को सूची मुहैया कराई है। जिसमें बताया गया है कि छह लोगों ने बिना परिवहन चालान के मालगाड़ी से पत्थर सामग्री का परिवहन किया है।

Edited By: Jagran