पाकुड़ : उपायुक्त दिलीप कुमार झा ने सोमवार को अपने कार्यालय कक्ष में श्रम अधीक्षक के साथ बैठक कर इस विभाग के कार्यो की समीक्षा की। इस दौरान उपायुक्त ने श्रम अधीक्षक नरेंद्र कुमार को जिले के श्रमिकों का निबंधन करने की प्रक्रिया जारी रखने तथा निबंधित श्रमिकों की अगर मौत हुई है तो बीडीओ के माध्यम से इसकी सूची प्राप्त कर मृतक परिजनों को उचित मुआवजा देने का निर्देश दिया।

श्रम अधीक्षक कुमार ने बताया कि जिले में अबतक तेरह हजार निर्माण एवं असंगठित श्रमिकों का निबंधन हो चुका है तथा यह काम जारी है। उन्होंने बताया कि निबंधित श्रमिकों एवं उनकी संतान को सरकार 22 प्रकार का लाभ दे रही है। जिले के अधिकतर श्रमिकों को इसकी जानकारी ही नहीं है और वे इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। श्रम अधीक्षक ने बताया कि सरकार निबंधित निर्माण श्रमिकों की मौत होने पर उनके परिजन को एक लाख रुपया तथा दुर्घटना से मौत होने पर 5 लाख रुपया मुआवजा देती है। वहीं उन्होंने बताया कि असंगठित श्रमिकों की मौत पर उनके परिजन को 30 हजार रुपया तथा दुर्घटना से मौत होने पर एक लाख रुपया सरकार मुआवजा देती है। उन्होंने बताया कि सरकार श्रमिकों की सन्तानों को छात्रवृत्ति तथा असंगठित श्रमिकों को औजार क्रय के लिए 25 सौ रुपया, कीटस, प्रसूति महिला को प्रतिदिन 230 रुपया की दर से 40 दिन की मजदूरी देती है।

Posted By: Jagran

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