एक को बचाने पानी में उतरा दूसरा, लोहरदगा के अंवराझरिया झरना में नहाने गए दो युवकों की डूबने से मौत; शव बरामद
लोहरदगा के जोबांग थाना क्षेत्र स्थित अंवराझरिया झरना में नहाने गए दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ...और पढ़ें

HighLights
अंवराझरिया झरना में नहाने के दौरान दो युवकों की मौत।
मृतकों में मार्शल आर्ट ट्रेनर और इंजीनियर शामिल थे।
जागरण संवाददाता, लोहरदगा। पर्यटन स्थल लोहरदगा जिले के जोबांग थाना क्षेत्र के अंवराझरिया झरना में घूमने और नहाने पहुंचे दो युवकों की पानी में डूबने से मौत हो गई।
हादसे में लोहरदगा जिले के किस्को थाना क्षेत्र के होंदगा निवासी लाल अजय नाथ शाहदेव के 27 वर्षीय पुत्र रितेश शाहदेव उर्फ पप्पू और चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सोहर कला गांव निवासी श्याम बिहारी सिंह के पुत्र 30 वर्षीय रूपेश कुमार सिंह उर्फ राजा शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई।
झरने की गहराई में फंसे रूपेश के शव को तलाशने के लिए करीब चार घंटे तक अभियान चलाया गया। इसकी पुष्टि एसपी सादिक अनवर रिजवी ने की है। उन्होंने कहा है कि दोनों शवों को बरामद कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच और आगे की कार्रवाई कर रही है।
बताया जाता है कि रूपेश कुमार सिंह अपनी मां के साथ एक दिन पहले अपने बीमार नाना-नानी से मिलने होंदगा गांव स्थित ननिहाल आए था। गुरुवार को वह अपने ममेरे भाई रितेश शाहदेव के साथ बाइक से घूमने निकला। दोनों किस्को-जोबांग थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित देवदरिया के समीप अंवराझरिया झरने तक पहुंच गए।
लोगों का मानना है कि दोनों बेहद संकरी और दुर्गम पहाड़ी पगडंडी से नीचे उतरकर झरने के पास पहुंचे और वहां नहाने लगे। इसी दौरान झरने में मौजूद फिसलन भरे पत्थरों के कारण रितेश के पैर फिसलने और सिर में गंभीर चोट लगने की आशंका जताई जा रही है। रितेश के सिर में चोट के निशान भी हैं। उसे बचाने के लिए रूपेश भी पानी में उतर गया। इसी क्रम में दोनों गहरे पानी में चले गए और डूब गए।
स्वजनों के अनुसार, दोनों को तैरना नहीं आता था। शाम तक दोनों के घर नहीं लौटने पर स्वजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। मोबाइल फोन स्विच ऑफ होने के साथ नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बता रहा था। आखिरी लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू की गई तो किस्को-जोबांग सड़क किनारे झरने की ओर जाने वाले रास्ते में दोनों की बाइक खड़ी मिली। इसके बाद लोगों ने झरने के आसपास तलाश शुरू की।
तलाशी के दौरान रितेश का शव पानी में तैरता हुआ मिला। वहीं, रूपेश का कहीं पता नहीं चला। घटनास्थल के किनारे दोनों के कपड़े, मोबाइल और चप्पल रखे मिले। इससे लोगों ने अनुमान लगाया कि रूपेश भी पानी में डूब गया है। इसके बाद झरने की गहराई में उसकी तलाश शुरू की गई। करीब चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद रूपेश का शव भी बरामद कर लिया गया।
रितेश शाहदेव मार्शल आर्ट ट्रेनर था। वह विभिन्न विद्यालयों और संस्थानों में मार्शल आर्ट प्रशिक्षण दे चुका था। खेल के क्षेत्र में उसने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक भी हासिल किए थे। वहीं रूपेश कुमार सिंह रांची की एक कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत था। दोनों युवकों की मौत की खबर से स्वजनों और परिचितों में शोक की लहर है।
घटना की सूचना पर किस्को एसडीपीओ दिवाकर कुमार, इंस्पेक्टर चंद्रशेखर आजाद, जोबांग थाना प्रभारी विष्णु रजक, किस्को थाना प्रभारी वारिश हुसैन, सब इंस्पेक्टर राजू उरांव, मुंशी शिवनाथ यादव समेत पुलिसकर्मी के साथ-साथ बड़ी संख्या में विभिन्न समुदायों के लोग भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।
