लोहरदगा: अंधेरे में डूबीं शहर की सड़कें, स्ट्रीट लाइट और CCTV के अभाव में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लोहरदगा शहर के प्रमुख इलाकों में शाम ढलते ही स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरों की कमी से सुरक्षा व्यवस्था कमजोर दिखती है।

अंधेरे में डूबीं शहर की सड़कें
HighLights
लोहरदगा में शाम ढलते ही सुरक्षा व्यवस्था कमजोर दिखती है।
प्रमुख मार्गों पर स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी का अभाव है।
अंधेरे से राहगीरों को परेशानी और आपराधिक घटनाओं का डर।
जागरण संवाददाता, लोहरदगा। लोहरदगा शहर के कई प्रमुख इलाकों में शाम ढलते ही सुरक्षा व्यवस्था की कमजोर तस्वीर सामने आती है। नदिया चौक, जुरिया रोड और हरमू रोड जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर कई स्थानों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं है। अंधेरे के बीच इन सड़कों से लोगों का आवागमन जारी रहता है।
वहीं इन प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों की समुचित निगरानी व्यवस्था भी नजर नहीं आती। शहरी क्षेत्र में रात के समय कई स्थान ऐसे हैं, जहां स्ट्रीट लाइट के अभाव में सड़क और आसपास का हिस्सा अंधेरे में डूबा रहता है। नदिया चौक से जुरिया रोड और हरमू रोड की ओर जाने वाले मार्गों पर भी यही स्थिति दिखाई देती है।
अंधेरे से होकर गुजरना पड़ रहा
ऐसे में रात में पैदल या दोपहिया वाहनों से आने-जाने वाले लोगों को अंधेरे से होकर गुजरना पड़ता है। महिलाओं, युवतियों और दूसरे लोगों को परेशानी होती है। उन्हें किसी अनहोनी का डर सताता है। शहर में मात्र 46 स्थानों पर सीसीटीवी की व्यवस्था है। इनकी भी नियमित निगरानी नहीं होती है।
सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की पर्याप्त मौजूदगी नहीं होने का असर किसी आपराधिक घटना के बाद जांच पर भी पड़ सकता है। घटना के बाद अपराधियों की गतिविधियों और उनके आने-जाने के रास्ते की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित होते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे
लेकिन जब कैमरे ही मौजूद नहीं हों या प्रभावी निगरानी नहीं हो तो जांच में इसका लाभ नहीं मिल पाता। शहर में हाल के दिनों में आपराधिक घटनाओं को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ सीसीटीवी निगरानी जरूरी है।
