लोहरदगा, जेएनएन। लोहरदगा जिले के सदर थाना अंतर्गत अरकोशा गमहार टोली गांव में आग से जलकर एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया है। घटना की जानकारी सदर थाना पुलिस को दी गई है। जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के उपरांत परिजनों को सौंप दिया है। साथ ही, मामले की जांच और आगे की कार्यवाही में जुट गई है।

बताया जा रहा है कि सदर थाना क्षेत्र के हिरही बड़का टोली गांव निवासी स्वर्गीय जफीर अंसारी की पुत्री सलीमा खातून का चार साल पहले सदर थाना क्षेत्र के अरकोशा गमहार टोली निवासी जलील अंसारी के पुत्र मोसफीक अंसारी के साथ विवाह हुआ था। विवाह के बाद से ही मोसफीक अक्सर शराब के नशे में घर आकर सलीमा के साथ मारपीट किया करता था। दोनों के एक पुत्र और पुत्री भी है। मोसफीक पेशे से टेंपो चालक है। मोसफीक अक्सर सलीमा से दहेज की मांग किया करता था। सलीमा के पिता की मौत हो चुकी है। जिसकी वजह से सलीमा अपने घर वालों से पैसे की मांग भी नहीं कर पा रही थी। वह अक्सर रो कर अपनी मां को सारी पीड़ा बताती थी।

सलीमा के चाचा सफाज अंसारी का कहना है कि मोसफीक अक्सर सलीमा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया करता था। इसी वजह से उसने केरोसिन छिड़ककर सलीमा को जलाकर मार डाला है। इधर, इस मामले में सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक शैलेश प्रसाद का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही सच्चाई सामने आएगी। बताया जा रहा है कि सोमवार की शाम मोसफीक शराब के नशे में घर आया। उसने सलीमा के साथ दहेज की बात पर मारपीट की। बात इतनी बढ़ गई कि उसने घर में रखे केरोसिन को सलीमा पर छिड़ककर आग लगा दी, जिससे सलीमा गंभीर रूप से झुलस गई।

इसके बाद सलीमा को मोसफीक ही इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर आया। जहां सलीमा का प्राथमिक उपचार किया गया। सलीमा की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए सोमवार की सुबह रिम्स रेफर कर दिया गया। रिम्स पहुंचने से पहले ही सलीमा की मौत हो गई। अब परिजन मामले में दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।