संवाद सूत्र, कैरो (लोहरदगा) : मानव प्रेम धर्म से बढ़कर इस दुनियां में कोई धर्म नहीं है। अगर आप अपने से बड़ों का सम्मान व छोटे को प्यार नहीं करते हैं तो उस व्यक्ति का कोई धर्म नहीं है। कैरो के नायाटोली गांव निवासी मौलाना अब्दुल हफीज लोगों को यही संदेश देते हैं। मौलाना अब्दुल सभी धर्मों का ज्ञान अर्जित करने को लेकर कोई बंधन नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि मानव स्वतंत्र है। वह किसी भी धर्म को मान सकता है। हमें सभी धर्म की सम्मान करनी चाहिए। किसी भी धार्मिक विचार जीवन जीने की एक पद्धति है। चाहे वो जिस प्रकार किसी भी धर्म को अपने जीवन शैली में उतार ले। इस दुनियां में मानव सेवा से बढ़कर कोई भी धर्म नहीं है। मौलाना अब्दुल हफीज सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, जो लोगों को बताते हैं कि धर्म जीवन का एक सफल मार्ग है। सभी लोगों को एक ही स्थान में रहना है। धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार सभी को है। वे सनातन , इसाई, सिक्ख धर्म सहित अन्य धर्मों की आदर करते हैं। वे लोगों को समय-समय पर विभिन्न धर्मों के बारे में लोगों को जानकारियां देते हैं। उन्हें विभिन्न धर्मों के बारे में काफी जानकारियां है। शिक्षक के पद से सेवानिर्वित होने के बाद वे लोगों को बताते हैं कि हमें सभी धर्मों का आदर करना चाहिए। गरीब व असहायों की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है। जिसे हरेक धर्म के लोगों को अमल में लाते हुए जीवन में उतारना चाहिए। किन-किन धर्म ग्रंथों का किया है अध्ययन

कैरो (लोहरदगा) : प्रखंड के नायाटोली गांव निवासी मौलाना अब्दुल हफीज 2015 में शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद से लोगों को धर्म सबंधित कई जानकारियां देते हैं। उन्होंने कुरान, गीता रामायण व बाइबिल धर्म ग्रंथ का अध्ययन किया है। वे बताते हैं कि जब वे शिक्षक के पद पर थे उसी समय से धर्म से जुड़ी बातों को लोगों के बीच बताते हैं।

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