बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में अभिभावकों की भूमिका अहम : अलीरजा

संवाद सूत्र, कुडू (लोहरदगा) : पिछले दिनों झारखंड अधिविद्य परिषद द्वारा राज्य में मैट्रिक और इंटर की परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इसके अनुसार मैट्रिक में 95.5%, इंटर विज्ञान में 92.19%, कला में 97.43% और वाणिज्य संकाय में 92.75% विद्यार्थी सफल हुए। जिसमें प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या आधे से अधिक है। यह परिणाम सभी को उत्साहित करने के साथ-साथ भविष्य के लिए उम्मीदें बांधने वाला भी है। इससे अभिभावकों में सरकारी विद्यालयों के ऊपर पहले की अपेक्षा अधिक भरोसा बढ़ा है। साथ ही शिक्षकों में भी नई उत्साह और उर्जा का संचार हुआ है। उक्त बातें राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय जिंगी, कुडू के प्रभारी प्रधानाध्यापक अलीरजा अंसारी ने कहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड के सभी सरकारी सुविधाओं के साथ ही सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक यदि निजी विद्यालय में अपने बच्चों को भेजने वाले अभिभावकों की तरह जागरूकता दिखाने लगे तो सरकारी स्कूल भी कमाल कर देंगे। इसमें अभिभावकों की भी भूमिका अनिवार्य है। यदि सरकारी विद्यालयों के अभिभावक भी अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक हो जाएं तो नि:संदेह शिक्षा के क्षेत्र में राज्य नया आयाम गढ़ सकता है। शुरूआत में ही पढ़ाई में रूचि रखने वाले और तेज समझे जाने वाले बच्चों का नामांकन अभिभावक निजी विद्यालय में करा देते हैं। यह मानसिकता बदलनी जरूरी है। अक्सर देखे जाते हैं कि निजी विद्यालयों में पढ़ाने वाले बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों की हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखने के साथ उसे समय पर पूरा भी करते हैं। लेकिन अफसोस जनक पहलू यह है कि सरकारी स्कूलों में सिर्फ नामांकन करा कर ही अभिभावक अपने कर्तव्यों की जिम्मेवारी भूल जाते हैं।

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