लोहरदगा, जेएनएन। जिले के तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में शुक्रवार की सुबह भालुओं ने हमला कर एक ग्रामीण को मार डाला, जबकि पांच अन्य ग्रामीण घायल हुए हैं। घायलों में से एक ग्रामीणों को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया है। ग्रामीण तीन भालू के होने की बात कह रहे हैं। हालांकि डीएफओ विकास कुमार उज्जवल ने एक भालू के होने की बात कही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम भालू को जंगल की ओर खदेड़ने में जुट गई है।

बताया जा रहा है कि भालू किस्को थाना क्षेत्र के जंगलों से भटक कर सबसे पहले कुडू थाना क्षेत्र के कमले गांव में पहुंचा। जहां बड़की चांपी रेलवे स्टेशन की ओर से घूम कर वापस अपने घर कमले गांव लौट रहे स्वर्गीय भुनेश्वर साहू के पुत्र रमेश साहू (59) पर भालू ने हमला बोल दिया, जिससे रमेश गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन रमेश को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले कर आ रहे थे, तभी रास्ते में रमेश की मौत हो गई। सदर अस्पताल में चिकित्सक ने रमेश को मृत घोषित कर दिया।

ग्रामीणों द्वारा शोर मचाए जाने पर भालू भाग कर सदर थाना क्षेत्र के कुरसे गांव की ओर पहुंचा। जहां अपने खेतों में लगे फसलों को देखने जा रहे धमुक पाहन के पुत्र उपेंद्र पाहन (40), धमुक पाहन (60), सलीम अंसारी (45) को घायल कर दिया। ग्रामीणों द्वारा शोर मचाए जाने के बाद भालू किस्को थाना क्षेत्र के गांवों की ओर भाग गया। जहां भालू ने किस्को थाना क्षेत्र के किस्को अंबा टोली निवासी रियासत अंसारी के पुत्र गुफरान अंसारी (19) को घायल कर दिया। भालू इसके बाद पाखर बोंडोबार पहुंच गया। यहां भालू ने गोपाल नगेशिया की पुत्री उषा नगेशिया (18) को घायल कर दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। वन विभाग की टीम भालू को ट्रैक करते हुए उसे जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है। अंतिम बार भालू को किस्को थाना क्षेत्र के कोचा गांव में देखा गया था। वन विभाग की टीम लगातार भालू को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है।

डीएफओ विकास कुमार उज्जवल का कहना है कि एक भालू ने हमला कर एक ग्रामीण को मार डाला है। साथ ही, पांच ग्रामीणों को घायल भी कर दिया है। हम भालू को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रहे हैं। डीएफओ ने ग्रामीणों से अनुरोध करते हुए कहा है कि वह किसी भी स्थिति में भालू के नजदीक ना जाएं। साथ ही, अकेले घर से बाहर घूमने का प्रयास ना करें। जब भी जंगल या जंगल के सीमावर्ती क्षेत्रों में जाएं तो समूह में जाएं, जिससे कि भालू उन पर हमला ना करें। डीएफओ ने प्रभावित ग्रामीणों के परिजनों को प्रावधान के अनुरूप मुआवजा देने की बात भी कही है। भालू के हमले से ग्रामीणों में खौफ व्याप्त हो गया है। ग्रामीण घर से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। 

Posted By: Sachin Mishra