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लातेहार में रात 8 से सुबह 6 बजे तक इस सड़क पर व्यावसायिक वाहनों की नो एंट्री, बॉक्साइट लदे ट्रकों पर रहेगी रोक

Published: Wed, 28 Oct 2026 12:46 PM (IST)

पलामू टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर ...और पढ़ें

लातेहार में बॉक्साइट लदे ट्रकों पर रहेगी रोक। जागरण

लातेहार में बॉक्साइट लदे ट्रकों पर रहेगी रोक। जागरण

HighLights

  1. रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रतिबंध।

  2. बॉक्साइट वाहनों की आवाजाही पर विशेष नजर।

संवाद सूत्र, बरवाडीह (लातेहार)। पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के कोर एरिया से गुजरने वाली बरवाडीह के केचकी वन नाका से - महुआडांड़ सड़क पर रात में व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई जाएगी। रात आठ बजे से सुबह छह बजे तक यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा।

पीटीआर प्रबंधन के अनुसार, अगले एक सप्ताह के भीतर इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संरक्षित क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करना है।

यह प्रतिबंध लातेहार जिला प्रशासन की ओर से वर्ष 2017 में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर जारी दिशा-निर्देश के तहत लागू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत केचकी नाका से बारेसाढ़ होते हुए महुआडांड़ तक व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर रोक रहेगी। हालांकि, निजी और छोटे वाहनों की आवाजाही पहले की तरह जारी रहेगी।

बॉक्साइट लदे वाहनों के आवागमन पर नजर

पीटीआर प्रबंधन के अनुसार, हाल के दिनों में बॉक्साइट लदे भारी वाहनों के रात में इस मार्ग से गुजरने की जानकारी मिली है। खनिज की ढुलाई करने वाले वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र से होकर गुजरने वाली इस सड़क का इस्तेमाल शॉर्टकट के रूप में कर रहे थे। इससे वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसे देखते हुए प्रबंधन ने पुराने दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने का निर्णय लिया है।

वही पीटीआर के उपनिदेशक प्रजेश कांत जेना ने बताया कि व्यावसायिक वाहनों पर प्रतिबंध लागू करते समय स्थानीय ग्रामीणों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा। रात में यात्री बसों के परिचालन से संबंधित परमिट की समीक्षा की जाएगी, ताकि प्रतिबंध लागू करने के दौरान आम लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं हो।

108 किलोमीटर लंबी सड़क का बड़ा हिस्सा रिजर्व क्षेत्र में

डालटनगंज-महुआडांड़ सड़क की लंबाई करीब 108 किलोमीटर है। इस मार्ग का अधिकांश हिस्सा पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र से होकर गुजरता है। ऐसे में रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही वन्यजीवों के लिए खतरा पैदा कर सकती है।

प्रतिबंध लागू होने से संरक्षित वन क्षेत्र में व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही नियंत्रित होगी और वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। 

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