उत्कर्ष पांडेय, लातेहार : कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए सरकार की ओर से विविध प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन सदर अस्पताल लातेहार के परिसर में इन प्रयासों को धता बताकर कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए महिलाओं को विवश किया जा रहा है। अस्पताल के परिसर में महिलाएं कोरोना जांच में इस्तेमाल सैंपल के डब्बों की सफाई बिना पीपीई किट करने को विवश हैं।

अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि यहां आउटसोर्सिंग का काम करने वाली एजेंसी ने सफाई कर्मियों के रूप में कई महिलाओं की नियुक्ति की है। इन्हीं महिलाओं से कोरोना जांच के इस्तेमाल सैंपल वाले डब्बे की सफाई कराई जा रही है। यह काम करने वाली कई महिलाओं ने सफाई के दौरान पीपीई किट पहनने की मांग की, लेकिन उनकी बातों को दरकिनार कर दिया गया। कई महिला कर्मियों ने इस कार्य का विरोध किया तो उन्हें सफाई नहीं करने पर नौकरी से निकाले जाने की बात कह दी गई। विविध स्थानों से डब्बे में लाए जाते है सैंपल :

स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना की जांच के लिए सभी प्रखंडों से सैंपल एकत्रित कर डब्बों में लातेहार सदर अस्पताल लाया जाता है। डब्बों से कोरोना की जांच के लिए सैंपल निकाले जाने के बाद उन्हें रख दिया जाता है। इसके बाद इन्हीं डब्बों की सफाई और धुलाई महिलाएं बिना पीपीई किट पहने करती हैं। ऐसे में संक्रमण के फैलने का खतरा अधिक है, एक सप्ताह से यह कार्य निरंतर जारी है। अस्पताल में राउंड पर आने-जाने के दौरान विभाग के वरीय अधिकारियों की नजर डब्बों की सफाई करती महिला कर्मियों पर भी पड़ती है, लेकिन इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लेने की जहमत नहीं उठाना चाहता।

कार्यस्थल पर न पीपीई किट न सैनिटाइजर की व्यवस्था :

कोरोना की जांच के लिए सैंपल रखे गए डब्बों की सफाई बिना पीपीई किट पहने की जा रही है और सफाई करने वाले स्थल पर सैनिटाइजर तक के छिड़काव की व्यवस्था नहीं है। नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर सफाई में जुटी महिलाएं ने कहा कि हमलोगों ने कई बार इस कार्य का विरोध किया। लेकिन हमें नौकरी से निकाले जाने की बात कहकर धमकाया गया। वहीं इस मामले में पक्ष के लिए लातेहार के सीएस को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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