संवाद सूत्र, लातेहार : सदर प्रखंड के कैमा गांव में शनिवार को टाना भक्तों ने डेयरी फार्म के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मामले को लेकर बाबू लाल टाना भगत, बहादुर टाना भगत, बालेश्वर टाना भगत, महेंद्र भगत समेत अन्य टाना भक्तों ने कहा कि सरकार हम लोगों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए गायों का वितरण की है। परंतु डेयरी फार्म द्वारा हमलोगों का शोषण किया जा रहा है। हमलोगों के द्वारा जो दूध डेयरी फार्म को दिया जाता है। उसकी कीमत 6 से 12 के बीच लगाई जाती है। जबकि गायों के रखरखाव में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हम टाना भक्तों की स्थिति दिन-ब-दिन बद से बदतर होती जा रही है। टाना भक्तों ने आगे कहा कि हम अपने बच्चों की परवरिश तक अच्छे तरीके से नहीं कर पा रहे हैं। वहीं डेयरी फार्म द्वारा हम लोगों को छलने का काम किया जा रहा है और हम सभी को आर्थिक स्थिति से जूझना पड़ रहा है। जबकि डेयरी द्वारा बाजार में दूध को 42 से लेकर 46 लीटर तक का दाम वसूला जा रहा है। जब भी हम सभी डेयरी वालों से बात करते हैं। एक ही जवाब मिलता है कि आप लोगों के दूध में खराबी है। इसलिए आप लोगों को यह भाव दिया जा रहा है। टाना भक्तों ने आगे कहा कि अगर यही स्थिति बनी रहती है तो हम सभी दूध को नदी में बहा देंगे परंतु डेयरी को नहीं देंगे।

Posted By: Jagran

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