बारिश में भी नहीं हटे लोग, छाता लेकर सड़क पर डटे ग्रामीण; धूल के विरोध में लातेहार बाजार बंद
लातेहार के बालूमाथ में धूल की समस्या के विरोध में गुरुवार को बाजार बंद रहा। भारी वाहनों से उड़ने वाली ...और पढ़ें

धूल की समस्या के विरोध में बालूमाथ बाजार बंद रहा। जागरण
HighLights
धूल की समस्या के विरोध में बालूमाथ बाजार बंद रहा।
भारी वाहनों से उड़ने वाली धूल से लोग परेशान थे।
जागरण संवाददाता, लातेहार। सड़क पर उड़ती धूल ने गुरुवार को बालूमाथ के बाजार की रफ्तार रोक दी। धूल की समस्या के विरोध में ग्रामीणों के आह्वान पर बालूमाथ बंद रहा। बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रहीं और दुकानदारों से लेकर ग्रामीण तक छाता लेकर चौक पर जमे रहे।
आसमान से वर्षा की बूंदें गिरती रहीं, मगर लोगों के कदम नहीं हटे। चेहरे पर परेशानी और आंखों में समाधान की उम्मीद लिए लोग अपनी आवाज बुलंद करते रहे। सामान्य दिनों में जिस बाजार में सुबह से ही दुकानों के शटर उठने और वाहनों की आवाजाही के साथ चहल-पहल शुरू हो जाती है, गुरुवार को वहां तस्वीर अलग थी। दुकानों के शटर बंद थे।
सड़क पर लोगों की मौजूदगी थी और चौक पर जमा भीड़ धूल की समस्या को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रही थी। वर्षा ने सड़क की धूल को कुछ देर के लिए जरूर थामा, मगर लोगों के मन में लंबे समय से जमा आक्रोश को नहीं रोक सकी।
ग्रामीणों और व्यवसायियों की पीड़ा केवल धूल तक सीमित नहीं है। सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान उड़ने वाले धूलकण बाजार और आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। दुकानदारों को अपनी दुकानों में बैठकर कारोबार करने के साथ धूल का सामना करना पड़ता है। राहगीरों को भी इसी धूल के बीच से गुजरना पड़ता है।
इसके साथ सड़क जाम की समस्या लोगों की परेशानी को और बढ़ाती है। गुरुवार का बंद इसी पीड़ा की सामूहिक अभिव्यक्ति बन गया। खास बात यह रही कि वर्षा के बीच भी दुकानदार और ग्रामीण चौक पर डटे रहे। छाता उनके सिर को वर्षा से बचा रहा था और उनके कदम उस मांग के साथ टिके थे, जिसके लिए बाजार बंद रखा गया था। यह दृश्य बताता रहा कि समस्या लोगों के लिए कितनी गंभीर हो चुकी है।
बंद के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो और विधि-व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए प्रशासनिक पदाधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन की मौजूदगी के बीच बाजार बंद रहा और लोग शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखते नजर आए। बालूमाथ का गुरुवार का बंद केवल दुकानों के शटर गिरने का दृश्य नहीं था।
यह उस परेशानी की तस्वीर थी, जिसे लोग लंबे समय से झेल रहे हैं। वर्षा की बूंदों के बीच छाता लेकर चौक पर खड़े लोगों ने साफ कर दिया कि धूल की समस्या अब रोजमर्रा की परेशानी भर नहीं रह गई है, इसके समाधान की मांग बाजार की सामूहिक आवाज बन चुकी है।
