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झारखंड के लातेहार में सड़क की ठोकर बनी मौत का कारण, ऑटो चालक की गई जान; आधा दर्जन यात्री घायल  

By Utkarsh PandeyEdited By: Mansi Kumari
Published: Mon, 17 Aug 2026 12:07 PM (IST)

लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र में NH-75 पर एक ठोकर के कारण ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे चालक की ...और पढ़ें

ऑटो अनियंत्रित होकर पलटा।

ऑटो अनियंत्रित होकर पलटा।

HighLights

  1. ऑटो अनियंत्रित होकर पलटा, चालक की मौके पर मौत।

  2. असुरक्षित ब्रेकरों पर संकेतक न होने से खतरा।

जागरण संवाददाता, लातेहार। झारखंड के लातेहार जिले में चंदवा थाना क्षेत्र के एनएच-75 रांची-मेदिनीनगर मुख्य मार्ग स्थित शिवा टोली के समीप सोमवार को सड़क पर बनी एक ठोकर ने फिर एक जिंदगी लील ली। तेज रफ्तार में आ रहा ऑटो ठोकर पर अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

हादसा इतना भीषण था कि ऑटो चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसमें सवार करीब आधा दर्जन यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई। सड़क पर बने ये ठोकर अब वाहन चालकों के लिए सावधानी का संकेत कम और मौत का बुलावा अधिक साबित होते दिख रहे हैं।

जहां सड़क पर सुविधा के लिए बना ब्रेकर, वहीं जिंदगी हुई बेपटरी

स्थानीय लोगों के अनुसार, एनएच-75 पर कई जगह सड़क की स्थिति और यातायात व्यवस्था के अनुरूप ठोकर या ब्रेकर बना दिए गए हैं। समस्या यह है कि इनमें से कई स्थानों पर वाहन चालकों को दूर से सचेत करने के लिए पर्याप्त संकेतक नहीं लगाए गए हैं। कई ठोकरों पर श्वेत पट्टियां और चमकीले प्रतिबिंबित चिह्न तक नजर नहीं आते।

ऐसे में दिन में तो चालक किसी तरह संभल जाते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में अचानक सामने आई ठोकर वाहन की रफ्तार और संतुलन दोनों बिगाड़ देती है। सोमवार की दुर्घटना ने इसी लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ब्रेकर दिखे तो बचेगी जिंदगी, नहीं तो सड़क बनती रहेगी काल 

सड़क सुरक्षा मानकों के अनुसार, सड़क पर बने ठोकरों को दूर से स्पष्ट दिखाई देना जरूरी है। इसके लिए श्वेत रंग की पट्टियां, चेतावनी संकेतक और रिफ्लेक्टिव मार्किंग की व्यवस्था की जानी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्था केवल ब्रेकर बना देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, उसकी नियमित निगरानी भी जरूरी है।

लोगों ने प्रशासन से एनएच-75 समेत जिले की प्रमुख सड़कों पर बने सभी अनावश्यक ब्रेकरों की जांच कराने, जरूरी स्थानों पर स्पष्ट संकेतक व रिफ्लेक्टिव मार्किंग कराने तथा नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।

लोगों का कहना है कि सड़क पर एक छोटी-सी ठोकर वाहन की रफ्तार रोक सकती है, लेकिन यदि वह दिखाई ही न दे तो वही ठोकर किसी घर का चिराग बुझा सकती है। सोमवार को भी यही हुआ एक परिवार का सहारा सड़क पर छूट गया और कई घरों में हादसे का दर्द पहुंच गया।

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