विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

डालटनगंज एयरपोर्ट से चमकेगा लातेहार, हवाई कनेक्टिविटी से नेतरहाट-बेतला में पर्यटन को उड़ान

Published: Tue, 03 Nov 2026 05:55 PM (IST)

झारखंड के लातेहार जिले में हवाई संपर्क की कमी पर्यटन विकास में बड़ी बाधा है, जिससे नेतरहाट और बेतला जैसे ...और पढ़ें

डालटनगंज एयरपोर्ट के विकास से खुलेगी राह अगले 25 वर्षों में क्षेत्रीय उड़ान की उम्मीद।

डालटनगंज एयरपोर्ट के विकास से खुलेगी राह अगले 25 वर्षों में क्षेत्रीय उड़ान की उम्मीद।

HighLights

  1. लातेहार में हवाई संपर्क की कमी पर्यटन बाधा।

  2. डालटनगंज एयरपोर्ट विकास से क्षेत्रीय उड़ान की उम्मीद।

  3. छोटे एयरपोर्ट, हेलिपोर्ट से पर्यटन और निवेश बढ़ेगा।

उत्कर्ष पाण्डेय, लातेहार। नेतरहाट की हसीन वादियां, बेतला नेशनल पार्क के घने जंगल, पलामू टाइगर रिजर्व की जैव विविधता और आदिवासी संस्कृति की समृद्ध विरासत। लातेहार में पर्यटन की ऐसी संभावनाएं हैं, जो इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिला सकती हैं। लेकिन इन संभावनाओं के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा हवाई कनेक्टिविटी की कमी है।

झारखंड गठन के 26 वर्षों बाद भी लातेहार जिले का अपना एयरपोर्ट नहीं है। हवाई यात्रा करने वाले पर्यटकों, कारोबारियों और मरीजों को रांची या दूसरे शहरों के एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है। सवाल है कि जब सड़क और रेल संपर्क का विस्तार हो रहा है तो लातेहार को हवाई नेटवर्क से जोड़ने की पहल कब होगी।

लातेहार जिला चार अप्रैल 2001 को अस्तित्व में आया था। जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 3622.50 वर्ग किलोमीटर है। यहां 772 गांव और 115 पंचायतें हैं। जंगल, पहाड़ और दूर-दराज के गांवों के कारण जिले में परिवहन की चुनौती अलग है।

लातेहार जिले का अपना एयरपोर्ट नहीं है और निकटतम एयरपोर्ट रांची है। जिला मुख्यालय से रांची की सड़क दूरी 120 किलोमीटर है। सामान्य परिस्थितियों में सड़क मार्ग से करीब साढ़े तीन घंटे में रांची पहुंचा जा सकता है। इस तरह हवाई यात्रा करने वाले पर्यटकों को विमान पकड़ने से पहले ही लंबा सड़क सफर तय करना पड़ता है।

डालटनगंज एयरपोर्ट की उम्मीद, जमीन नहीं मिलने से अटकी परियोजना

लातेहार के लिए सबसे महत्वपूर्ण उम्मीद डालटनगंज एयरपोर्ट के विकास से जुड़ी है। केंद्र सरकार ने उड़ान योजना के तहत डालटनगंज सहित झारखंड के छह शहरों को क्षेत्रीय हवाई संपर्क के लिए चिह्नित किया है।

इनमें बोकारो, दुमका, जमशेदपुर, हजारीबाग, देवघर और डालटनगंज शामिल हैं। 27 जुलाई 2026 को राज्यसभा में नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार जमशेदपुर और देवघर एयरपोर्ट परिचालित हैं।

बोकारो और दुमका में विकास कार्य पूरा हो चुका है, जबकि डालटनगंज और हजारीबाग में राज्य सरकार की ओर से जरूरी जमीन उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण पुनर्विकास का काम आगे नहीं बढ़ पाया है। यह स्थिति लातेहार के लिए भी चिंता का विषय है।

डालटनगंज में हवाई सुविधा विकसित होने पर पलामू के साथ लातेहार, गढ़वा और आसपास के जिलों के यात्रियों को लाभ मिल सकता है। हालांकि एयरपोर्ट विकसित होने के बाद भी नियमित उड़ान शुरू होना यात्री मांग, विमानन कंपनियों की रुचि और परिचालन की व्यवहार्यता पर निर्भर करेगा।

अगले 25 वर्षों में छोटे एयरपोर्ट से खुलेगा पर्यटन का आसमान

आने वाले 25 वर्षों में लातेहार को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए केवल बड़े एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। नेतरहाट, बेतला, पलामू टाइगर रिजर्व और मंडल डैम जैसे पर्यटन क्षेत्रों को ध्यान में रखकर छोटे एयरपोर्ट और क्षेत्रीय हवाई सेवाओं की संभावनाएं तलाशनी होंगी। केंद्र की संशोधित उड़ान योजना के तहत अगले दस वर्षों में 28,840 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है।

इसके अंतर्गत देशभर में 100 नए एयरपोर्ट और 200 आधुनिक हेलिपोर्ट विकसित करने की योजना है। इससे लातेहार जैसे आदिवासी बहुल और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए भी भविष्य में अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि जिले में फिलहाल कोई स्वीकृत एयरपोर्ट या हेलिपोर्ट परियोजना घोषित नहीं है। हवाई संपर्क विकसित होने से जिले के पर्यटन कारोबार को नई पहचान मिल सकती है।

देश-विदेश के पर्यटक कम समय में नेतरहाट और बेतला पहुंच सकेंगे। होटल, स्थानीय परिवहन, हस्तशिल्प और आदिवासी कला से जुड़े कारोबारियों को लाभ मिलेगा। गंभीर मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा और औद्योगिक निवेश के लिए तेज संपर्क भी संभव होगा।

लातेहार की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत उसे पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाने की क्षमता रखती है। लेकिन अगले 25 वर्षों में असली चुनौती इस क्षमता को सुविधाओं में बदलने की होगी।

अब जरूरत है कि डालटनगंज एयरपोर्ट की लंबित प्रक्रिया आगे बढ़े और लातेहार में हेलिपोर्ट तथा क्षेत्रीय हवाई संपर्क की व्यवहार्यता का अध्ययन कराया जाए। तभी नेतरहाट और बेतला की खूबसूरती देखने आने वालों के लिए लातेहार तक पहुंचना आसान होगा और जिले के विकास को भी नई उड़ान मिलेगी।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।