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झारखंड-छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपराधों पर नकेल कसने के लिए मिलाया हाथ, अब सीमा पर बदमाशों की होगी घेराबंदी

Published: Fri, 03 Jul 2026 06:34 PM (IST)

झारखंड और छत्तीसगढ़ पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध और उग्रवादी गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए संयुक्त रणनीति अपनाई है।

बैठक में मौजूद पुलिस पदाधिकारी

बैठक में मौजूद पुलिस पदाधिकारी

HighLights

  1. झारखंड-छत्तीसगढ़ पुलिस ने सीमावर्ती अपराधों पर संयुक्त रणनीति बनाई।

  2. महुआडांड़ में अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।

  3. उग्रवादी गतिविधियों और आपराधिक सूचना साझा करने पर जोर।

संवाद सूत्र, महुआडांड़ (लातेहार)। सीमावर्ती इलाकों में अपराध और उग्रवादी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में झारखंड और छत्तीसगढ़ पुलिस ने संयुक्त रणनीति पर काम तेज कर दिया है।

गुरुवार को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय, महुआडांड़ में आयोजित अंतरराज्यीय समन्वय बैठक में दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से मंथन किया।

बैठक का नेतृत्व महुआडांड़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और कुसमी (छत्तीसगढ़) के एसडीपीओ ने संयुक्त रूप से किया। इसमें सीमावर्ती कुसमी थाना और करौंधा थाना के थाना प्रभारियों ने भी भाग लिया।

बैठक में सीमा पार होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, उग्रवादी गतिविधियों से जुड़े खुफिया इनपुट के संकलन और साझा करने की व्यवस्था को और सशक्त बनाने पर विशेष चर्चा हुई।

अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा आपराधिक सूचना का तत्काल आदान-प्रदान किया जाए, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित संयुक्त समन्वय, सतर्क निगरानी और आवश्यकतानुसार साझा कार्रवाई की रणनीति पर भी सहमति बनी।

अधिकारियों ने कहा कि दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर तालमेल से सीमावर्ती इलाकों में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा अपराधियों और उग्रवादी तत्वों के लिए सीमा का फायदा उठाना आसान नहीं रह जाएगा।

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