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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'कैसी लड़की चाहिए... ' कॉल गर्ल सर्विस के नाम पर ठगी का भंडाफोड़; छह दबोचे गए, करतूत जान दंग रह जाएंगे आप

By Gajendra Bihari SinhaEdited By: Shashank Shekhar
Published: Sun, 03 Dec 2023 03:57 PM (IST)

कोडरमा में ऑनलाइन ठगी के नए तरीके का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने कॉल गर्ल सर्विस के नाम पर ...और पढ़ें

'कैसी लड़की चाहिए... ' कॉल गर्ल सर्विस के नाम पर ठगी का भंडाफोड़; छह दबोचे गए
'कैसी लड़की चाहिए... ' कॉल गर्ल सर्विस के नाम पर ठगी का भंडाफोड़; छह दबोचे गए

HighLights

  1. एस्कर्ट सर्विस के नाम पर बना रखी थी फर्जी वेबसाइट
  2. 11 मोबाइल, 5 एटीम व 20 हजार रुपये कैश बरामद

संवाद सहयोगी, कोडरमा। कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड स्थित दूरवती गांव तेलोडीह से एस्कार्ट कॉल गर्ल सर्विस के नाम युवकों की एक टोली शहरी बाबुओं से ठगी का धंधा चला रही थी।

कोडरमा पुलिस ने ऐसे ऑनलाइन ठगी करने वाला गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसमें लिप्त 6 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इस लेकर मरकच्चो थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।

गिरफ्तार आरोपितों के पास से पुलिस ने 11 मोबाइल, 5 एटीम, एक पैन कार्ड और 20 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपित फर्जी वेबसाइट बनाकर और मोबाइल पर लड़कियों की अश्लील तस्वीर भेजकर लोगों से ठगी करते थे।

एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर गिरोह का एक मोबाइल नंबर भी इंटरनेट पर डाला हुआ था। उस नंबर पर संपर्क करने वाले व्यक्ति को एस्कॉर्ट सर्विस देने के नाम पर लड़की की तस्वीर दिखाकर पैसे ट्रांसफर कर लिया जाता था। इसमें कई बड़े शहरों के बड़े होटलों में ठहरने वाले लोग होते थे।

मामले में एसपी ने क्या बताया

एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद डोमचांच अंचल निरीक्षक अवधेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित कर छापेमारी की गई।

गिरोह से जुड़े लोगों ने सिंपल एस्कार्ट सर्विस और श्लोका डॉट काम समेत अन्य नाम पर कई बेवसाइट भी बना रखी थी। ग्राहक जब एस्कॉर्ट सर्विस लेने की हामी भर देता था तो तय रकम ऑनलाइन मंगाई जाती थी और लोगों से ठगी की जाती थी।

5000 से 35000 रुपये लेते थे चार्ज- एसपी

उन्होंने बताया कि ठगी के शिकार लोग लोक-लाज के कारण इसकी शिकायत भी नहीं कर पाते थे। पुलिस के अनुसार, जब लोग दिए नंबरों पर कॉल करते थे तो उनसे पूछा जाता था कि किस तरह की लड़की चाहिए। बाद में ऐसे लोगों को लड़कियों के रेट बता दिए जाते थे, जो 5000 से 35000 रुपये प्रति रात के होते थे।

जब कस्टमर इन रेट पर हामी भरता था तो उसे एक अकाउंट, फोन पे, गूगल पे नंबर में पैसे भेजने को कहा जाता था और फिर उसे एक होटल का कमरा नंबर बता दिया जाता था।

जब कस्टमर होटल पहुंचता था तो पता चलता था कि न तो कमरा बुक है और न ही वहां कोई लड़की है। कस्टमर इस ठगी की शिकायत करने में भी शर्म महसूस करता था।

रहन-सहन से लोगों को हुआ था शक

जानकारी के अनुसार, ग्रामीण पृष्ठभूमि के इन युवकों की ठाठ-बाट और चाल-चलन से आस-पास के लोगों को शक हो रहा था। इसकी सूचना पुलिस तक भी पहुंची। सूचना का सत्यापन करने पर पता चला कि यहां भी जामताड़ा स्टाइल से प्रेरित कुछ युवक साइबर ठगी का धंधा चला रहे हैं। इसके बाद पुलिस इन तक पहुंची।

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