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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand News: खुशखबरी: 177 परिवारों को मिलेगा आवास का लाभ, घर नहीं लेने वालों की भी बल्ले-बल्ले; होंगे ये फायदे

By Rohit KumarEdited By: Shashank Shekhar
Published: Sun, 03 Dec 2023 01:57 PM (IST)

शनिवार को सांसद विजय हांसदा लिट्टीपाड़ा विधायक दिनेश विलियम मरांडी और डीसी मृत्युंजय कुमार बरनवाल ने पाकुड़ के पचुवाड़ा नार्थ ...और पढ़ें

खुशखबरी! 177 परिवारों को मिलेगा आवास का लाभ, घर नहीं लेने वालों की भी बल्ले-बल्ले; होंगे ये फायदे
खुशखबरी! 177 परिवारों को मिलेगा आवास का लाभ, घर नहीं लेने वालों की भी बल्ले-बल्ले; होंगे ये फायदे

HighLights

  1. विशुनपुर एवं चिल्गो गांव के विस्थापितों की दी जानकारी
  2. विधायक ने WPDCL के अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी

संवाद सूत्र, अमड़ापाड़ा (पाकुड़)। पाकुड़ के पचुवाड़ा नार्थ कोल प्रखंड अंतर्गत विस्थापित गांव चिल्गो का शनिवार को राजमहल सांसद विजय हांसदा, लिट्टीपाड़ा विधायक दिनेश विलियम मरांडी एवं डीसी मृत्युंजय कुमार बरनवाल ने दौरा किया। इस दौरान चिल्गो गांव के फुटबॉल मैदान में विस्थापित एवं प्रभावित होने वाले चिल्गो गांव के ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।

ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों की शिकायतों की संख्या ज्यादा होने के कारण सांसद, विधायक एवं डीसी ने 11 दिसंबर को शिविर लगाकर आवेदन के माध्यम से संबंधित समस्याओं के कागजात के साथ उपस्थित होने को कहा।

विशुनपुर एवं चिल्गो गांव के विस्थापितों की दी जानकारी

संवाद कार्यक्रम की शुरुआत में पचुवाड़ा नार्थ कोल ब्लॉक की आवंटी कंपनी डब्लूपीडीसीएल के जीएम रामाशीष चटर्जी ने बताया कि पूर्व में विस्थापित किए गए विशुनपुर गांव के कुल 131 परिवारों को आर एंड आर के तहत कॉलोनी बनाकर बसाया गया है, जिसमें सभी परिवारों को बिजली, पानी, सड़क, विद्यालय, जनरेटर सहित अन्य कई सुविधाएं मुहैया कराई जाती है। इसी प्रकार अगले चरण में विस्थापित होने वाले चिल्गो गांव के 177 परिवारों का एसआइए सर्वे कराकर उन्हें कालोनी बनाकर शिफ्ट किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 177 परिवारों में से 118 लोगों ने नए स्थान पर बसने को लेकर अपनी सहमति दे दी है। शेष बचे 59 परिवारों ने आवास के बदले मुआवजा लेने पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने आगे बताया कि जो परिवार आवास का लाभ नहीं लेंगे, उन्हें लगभग 18 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।

ग्रामीणों ने सुनाई अपनी समस्याएं

चिल्गो गांव से विस्थापित होने वाली मिरु हेम्ब्रम ने कहा कि उसके पति की मृत्यु हो चुकी है। उसकी एकमात्र बेटी संजली मरांडी है, बेटी का पति भी घरजमाई के रूप में हमारे घर में ही रहता है, लेकिन एसआइए सर्वे रिपोर्ट में नाम नहीं होने के कारण उसे किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिल रहा है।

इस पर सांसद एवं डीसी ने कहा कि ऐसे परिवार जिनके घर में कोई पुरुष नहीं हैं या जिनके परिवार में कोई पुरुष घरजमाई के रूप में रहता है उस परिवार को भी एसआइए रिपोर्ट में जोड़ कर उसे सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। कई अन्य ग्रामीणों ने अपनी समस्या रखीं।

विधायक ने WPDCL के अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी

विधायक दिनेश मरांडी ने डब्लूपीडीसीएल के अधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। विधायक ने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि उनको यह शिकायत मिली है कि डब्लूपीडीसीएल के अधिकारी कार्यालय में बैठकर ग्रामीणों की शिकायतों को नजरअंदाज कर देते, जो ग्रामीण अपनी शिकायत या समस्या लेकर जाते हैं उनके निराकरण की दिशा में कोई पहल नहीं की जाती, यह बर्दाश्त के बाहर है।

जीवन निर्वहन के लिए मिलेंगे तीन लाख

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सांसद विजय हांसदा ने कहा कि प्रत्येक परिवार को जीवन निर्वाह के लिए एक लाख के स्थान पर तीन लाख रुपये दिए जाएंगे, जिसकी रिपोर्ट कमिश्नर के पास गई हुई है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद जीवन निर्वाह की राशि में बढ़ोतरी की जाएगी।

डीसी ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में एसआइए सर्वे रिपोर्ट से संबंधी समस्याएं सामने आ रही है। मौके पर बीडीओ कुमार देवेश द्विवेदी, थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण यादव, बीजीआर के वाइस प्रेसिडेंट अनिल रेड्डी, प्रखंड प्रमुख जुहीप्रिया मरांडी सहित अन्य मौजूद थे।

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