यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
...तो इसलिए बंद हो जाएंगे तीन लाख बैंक खाते, जानिए
इन खाताधारकों का पूरी डिटेल्स नहीं मिली तो इन खातों को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा।

कोडरमा, जेएनएन। सरकारी दस्तावेजों सहित अन्य जरूरी कार्यों में आधार की अनिवार्यता के बाद भी लोग पूरी तरह सक्रिय नहीं हैं। अब भी जिले में ढाई से तीन लाख बैंक खातों को आधार से नहीं जोड़ा जा सका है। अगले दो माह में इन खाताधारकों का पूरी डिटेल्स नहीं मिली तो इन खातों को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। ऐसे खातों को फिलहाल ब्लॉक कर दिया गया है।
इन खातों को सुचारू रूप से संचालन के लिए केवाईसी यानी खाताधारकों को अपनी पूरी जानकारी देने के बाद ही संचालन शुरू हो पाएगा। इन खातों को आधार से जोड़ने के लिए बैंकों को दो माह का वक्त दिया गया है। बावजूद खाताधारक रचि नहीं दिखाएंगे तो इन सभी खातों को स्थाई तौर पर बंद कर दिया जाएगा। इसकी तैयारी बैंकों द्वारा शुरू कर दी गई है। इन खातों में जिला के लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में बाहरी लोगों का भी खाता है, जो दूसरे जिले या शहरों में रहते है। पूरी डिटेल्स नहीं रहने के कारण ऐसे खातों को बैंकों द्वारा संचालन में कई तरह की कठिनाइयां आ रही हैं।
लिहाजा अगले दो माह का वक्त दिया गया है। बैंकों द्वारा संबंधित खाताधारकों तक सूचना पहुंचाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें हजारों वैसे खाता है जिसमें मोबाइल संख्या तक अंकित नही है। ऐसे में बैंकों के समक्ष कई तरह की परेशानी स्वाभाविक है।
डिटेल नहीं मिलने पर बंद होगा खाता : एलडीएम
एलडीएम सुधीर शर्मा ने कहा कि जिले के विभिन्न शाखाओं में करीब 8 लाख खाता संचालित हैं। इसमें ढाई से तीन लाख खाता आधार से नहीं जुड़ पाए हैं। इन खाताधारकों को दो माह का समय दिया जा रहा है। बावजूद आधार से नहीं जोड़ने की स्थिति में खातों को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए सभी शाखाओं द्वारा खातों को आधार से जोड़ने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल खाता को केवाईसी देकर सुचारू रूप से चलाया जा सकता है। इधर सरकार के नए निर्देश के तहत सभी बैंक शाखाओं में खातों से आधार जोड़ने के लिए बायोमीट्रिक सिस्टम लगाया जाएगा। ताकि आधार नंबर देने वालों की पहचान भी वहां हो सके।
17 हजार किसान खाते निष्क्रिय, 14 करोड़ बकाया
केसीसी सहित अन्य लाभ लेने वाले किसान भी खाता का नियमित रूप से संचालन नही कर रहें हैं। सरकारी स्तर से बैंकों के माध्यम से मिलने वाले लाभ का कुछ किसान बेजा फायदा भी ले रहें है। बैंकों से केसीसी सहित अन्य ऋण लेने के बाद किसानों द्वारा राशि वापसी नहीं की जा रही है। लिहाजा जिले में नियमित संचालन नही करने वाले 17 हजार किसानों का खाता निष्क्रिय कर दिया गया है। एलडीएम सुधीर शर्मा ने बताया कि कुल 43 हजार किसानों का खाता संचालित है। इसमें 26 हजार खाता सक्रिय है। जबकि 17 हजार खातों को निष्क्रिय किया गया है। इन खातों में राशि वापस नही आ रही है। इन किसानों पर करीब 14 करोड़ रुपया बकाया है। उन्होंने बताया कि केसीसी में ही एक लाख रुपये तक का ऋण बिना एलपीसी के देने का प्रावधान है। कई किसानों पर सर्टिफिकेट केस भी किया गया है।
चंदवारा पश्चिमी बनेगी डिजिटल पंचायत
चंदवारा पश्चिमी पंचायत को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी चल रही है। इस पंचायत के सभी छोटे-बड़े दुकानों में ई-पॉश मशीन बैंकों द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। जबकि लोगों को ऑन लाइन ट्रांजेक्शन के लिए भी प्रशिक्षित किया जाएगा। एलडीएम सुधीर शर्मा ने बताया कि इस पंचायत के सभी खाताधारकों को रुपे कार्ड व एटीएम कार्ड दिए जा रहे हैं। वही नियमित रूप से प्रशिक्षित भी किया जाएगा। बैंक शाखाओं को इसके लिए जरूरी निर्देश दिए गए हैं। इन पंचायत में कैशलेस व्यवस्था के तहत भुगतान किया जाएगा।
