कोडरमा के वृंदाहा जलप्रपात में मिला कंकाल, 9 सितंबर से लापता छात्र सागर का होने की आशंका
कोडरमा के वृंदाहा जलप्रपात में 9 सितंबर से लापता 15 वर्षीय छात्र सागर कुमार की तलाश पोकलेन मशीन की मदद ...और पढ़ें
HighLights
9 सितंबर से लापता छात्र सागर की तलाश जारी।
वृंदाहा जलप्रपात में पोकलेन मशीन से खोजबीन।
संवाद सहयोगी, कोडरमा। तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत जरगा पंचायत स्थित प्रसिद्ध वृंदाहा जलप्रपात में नौ सितंबर से लापता 15 वर्षीय छात्र सागर कुमार की तलाश में सोमवार को बड़ी सफलता मिली। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद वाटरफॉल के गहरे पानी से कंकाल के कई टुकड़े बरामद किए गए। इनमें एक खोपड़ी भी शामिल है।
आशंका जताई जा रही है कि बरामद कंकाल लापता छात्र सागर का ही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से कंकाल की पहचान के लिए स्वजनों से संपर्क किया जा रहा है। साथ ही इसकी वैज्ञानिक तरीके से पुष्टि कराए जाने की भी उम्मीद है।
अंचलाधिकारी रवि भूषण प्रसाद ने बताया कि पानी से कंकाल के टुकड़े मिले हैं। उनकी पहचान के लिए परिवार वालों से पुष्टि कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना के डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के कारण कंकाल के टुकड़ों में मिलने की संभावना है। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पोकलेन मशीन से चलाया गया तलाशी अभियान
गौरतलब है कि बिहार के जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कंदौल गांव निवासी राजेश दास का पुत्र सागर कुमार नौ सितंबर को अपने शिक्षक और अन्य छात्र साथियों के साथ कोडरमा घूमने आया था। इसी दौरान वृंदाहा जलप्रपात में नहाने के क्रम में वह गहरे पानी में डूब गया था। घटना के बाद स्थानीय गोताखोरों और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने कई दिनों तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली थी।
बेटे का सुराग नहीं मिलने से परेशान स्वजनों के आग्रह पर जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सोमवार को दोबारा तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस बार पोकलेन मशीन की मदद से गहरे पानी में खोजबीन की गई। इसी दौरान कंकाल के टुकड़े बरामद हुए। अब सबकी निगाहें कंकाल की पहचान पर टिकी हैं।

जहानाबाद के कंदौल गांव का निवासी है सागर
सागर कुमार, जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र के कंदौल गांव निवासी राजेश दास का पुत्र है। वह जहानाबाद के एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाई करता था। नौ सितंबर को वह अपने शिक्षक और अन्य छात्र साथियों के साथ कोडरमा घूमने आया था।
इसी दौरान वृंदाहा जलप्रपात में नहाने के क्रम में वह गहरे पानी में डूब गया। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर उसकी तलाश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। टीम ने भी कई दिनों तक अभियान चलाया, पर छात्र का पता नहीं चल सका।

उम्मीद लगाए बैठे हैं परिवारजन
लंबे समय तक खोजबीन के बावजूद सागर का पता नहीं चलने से परिजन परेशान हैं। बेटे की तलाश की उम्मीद में परिजनों ने प्रशासन से दोबारा अभियान चलाने का आग्रह किया। इसके बाद सोमवार को फिर से खोजबीन शुरू की गई। पोकलेन मशीन की मदद से संभावित स्थानों पर तलाश की जा रही है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक छात्र का कोई पता नहीं चल पाया है।

गौरतलब है कि वृंदाहा जलप्रपात में गहरे पानी और चट्टानों के कारण तलाशी अभियान में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सागर की तलाश दोबारा शुरू होने से परिजनों को उसके मिलने की उम्मीद जगी है।
यह भी पढ़ें- गुमला में हाथियों को भगाने निकले ग्रामीण की गई जान, सूंड़ में लपेटकर आधा किलोमीटर दूर ले गया हाथी; गांव में दहशत
