: पांच फीट ऊपर उठाना था मंदिर को, क्षतिग्रस्त होने की संभावना से रोकना पड़ा काम

फोटो::: 1 में है। संवाद सहयोगी, कोडरमा : जयनगर प्रखंड के प्राचीन दुर्गा मंदिर को ऊपर उठाने का कार्य मंदिर की दीवारों में दरार आने के बाद रोक दिया गया है। इस बीच मंदिर जमीन से तकरीबन ढाई से तीन फीट तक ऊपर उठा दिया गया है। मंदिर को ऊपर उठाने के क्रम में मंदिर की दीवारों में कई जगह पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई है और मंदिर के क्षतिग्रस्त होने की संभावना को देखते हुए फिलहाल लिफ्टिग का कार्य रोक दिया गया है। गौरतलब है कि तकरीबन 100 साल पहले बने इस प्राचीन दुर्गा मंदिर में बारिश के मौसम में मंदिर के अंदर पानी भर जाता था, जिसके कारण यहां आनेवाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस वजह से लोगों ने बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मंदिर को आधुनिक तकनीक के जरिए ऊपर लिफ्ट किया जाएगा। मंदिर के लिफ्टिग का कार्य बिहार की एक कंपनी को दिया गया और उस कंपनी के मजदूरों के द्वारा तकरीबन 10 दिन पहले मंदिर के लिफ्टिग का कार्य शुरू हुआ। तकरीबन 130 जैक और दर्जनों लोहे के चैनल के द्वारा लिफ्टिग का कार्य 10 दिनों तक लगातार जारी रहा। इधर मंदिर को ढाई से तीन फीट ऊपर उठाया भी गया लेकिन, मंदिर का निर्माण पुराना होने के कारण इसके दीवारों में कई जगह दरारें आ गई। बहरहाल पूजा प्रबंध समिति के सदस्यों के द्वारा निर्णय लिया गया कि फिलहाल लिफ्टिग का कार्य रोका जाएगा और मंदिर की आधारभूत संरचना के आकलन के बाद ही फिर से लिफ्टिग का कार्य या फिर दूसरे तरीके से उसके जीर्णोद्धार का निर्णय लिया जाएगा। लिफ्टिग कंपनी बरिहाल के प्रोपराइटर सतीश कुमार ने बताया कि मंदिर का निर्माण काफी पुराना है और ईंट में नमी के कारण दीवारों में दरार की समस्या उत्पन्न हो रही है। लेकिन, किसी तरह की परेशानी नहीं है। वहीं दूसरी तरफ पूजा प्रबंध समिति के सदस्यों का मानना है कि लिफ्टिग के दौरान दीवारों में हो रहे दरार से मंदिर का भवन क्षतिग्रस्त हो सकता है। ऐसे में फिलहाल उन्होंने लिफ्टिग का कार्य रोकने का फैसला लिया है।

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