किलो से 'पाव' पर आए ग्राहक: कोडरमा में ड्राई फ्रूट्स के दाम छू रहे आसमान; 25% तक बढ़ी कीमतें
अमेरिका-ईरान युद्ध और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण कोडरमा में सूखे मेवों की कीमतें दो महीने में 15-25% तक बढ़ गई हैं।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
दो माह में सूखे मेवों के दाम 15-25% तक बढ़े।
अमेरिका-ईरान युद्ध और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान।
आम आदमी की रसोई और सेहत पर सीधा असर।
जागरण संवाददाता, झुुमरी तिलैया। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की लपटें अब कोडरमा के आम आदमी की रसोई और सेहत तक पहुंच गई हैं।
जिले के झुमरी तिलैया स्थित कोडरमा की किराना दुकानों में ड्राई फ्रूट्स की कीमतें आसमान छू रही हैं। जो मेवे कभी मध्यमवर्गीय परिवारों के नाश्ते का हिस्सा हुआ करते थे, वे अब केवल खास मौकों पर इस्तेमाल की वस्तु बनकर रह गए हैं। हाल यह है कि गत दो माह में 15 से 25 प्रतिशत तक सूखे मेवे के दाम बढ़ गए हैं।
कीमतों में वृद्धि का कारण
शहर के मेवा विक्रेता किराना दुकान के संचालक शंकर दायल ने बताया कि स्टॉक की कमी और माल महंगा आने के कारण फुटकर कीमतों पर लगाम लगाना मुश्किल हो गया है।
उन्होंने बताया कि ग्राहक अब किलो की जगह पाव में मेवे मांग रहे हैं। दो दिन पूर्व शादी-ब्याह के सीजन में भी लोग मेवों के पैकेट के बजाय सस्ते विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण मेवों के दाम में वृद्धि दर्ज की जा रही है। अधिकांश मेवे जैसे बादाम (कैलिफोर्निया), अखरोट और मार्गों में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे माल ढुलाई का खर्च दोगुना हो गया है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार डॉलर में होता है।
लक्जरी टाउनशिप अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आते हैं। युद्ध के कारण समुद्रा दिया हा पारवहन लागत बढ़न स कवल आयातित हा नहीं, बल्कि कश्मीर से आने वाले अखरोट और बिहार के स्थानीय उत्पाद मखाना की कीमतों में भी ट्रांसपोर्टेशन के कारण भारी उछाल आया है।
बताते चले कि इस सप्ताह में पेट्रोल व डीजल के मूल्य में 3 रूपये से अधिक की वृद्धि हुई है ऐसे में दो चार दिनों में ट्रांसपोटिंग में 30 से 40 प्रतिशत तक की भाड़ा वृद्धि की संभावना जतायी जा रही है।
ऐसे मे आम आदमी की जेब पर ओर प्रतिकुल असर पडेगा। जहॉ माल मांगाने के मूल्य वृद्धि होगी। वहीं बसों व छोटी वाहनों में भी किराया बढेगा। वहीं लोग अब किराया बढने की वजह से दुसरे विकल्प जैसे ट्रेनों से आवाजाही माल मांगाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
स्वास्थ्य पर संकट
आम परेशानी और स्वास्थ्य पर संकट मेवे केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि पोषण के लिए भी जरूरी हैं। चिकित्सक डॉ. नरेश पंडित का मानना है कि कीमतों में इस वृद्धि का सीधा असर गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
जो लोग रिकवरी के लिए अंजीर या खजूर का हैं। मध्यमवर्गीय परिवार के कृष्णा कुमार कहते है कि दाल-चावल और तेल की कीमतें पहले से ही परेशान कर रही थीं, अब ड्राई फ्रूट्स को छूना भी मुश्किल है।
| सामग्री | पुराना मूल्य | नया मूल्य |
|---|---|---|
| किसमिश | 420-430 | 460-470 |
| काजू | 850-900 | 900-1100 |
| अंजीर | 1000-1100 | 1100-1300 |
| छुहाड़ा बड़ा | 320 | 360 |
| छुहाड़ा छोटा | 140-150 | 200 |
| मखाना (तीन तरह) | 900-1000 | 1100-1300 |
| बदाम दाना | 1100-1200 | 1300-1400 |
| पिस्ता बदामा | 920-1000 | 960-1050 |
| खजूर प्रीमियम | 340 | 400 |
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