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राजधानी, शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में मालगाड़ी के लोको पायलटों की तैनाती पर रोक, रेलवे ने बढ़ाए सुरक्षा मानक

Published: Fri, 04 Sep 2026 05:00 PM (IST)Updated: Sat, 05 Sep 2026 05:17 PM (IST)

भारतीय रेलवे ने राजधानी, शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में मालगाड़ी के लोको पायलटों की तैनाती पर रोक लगा दी है। ...और पढ़ें

अनुभवी लोको पायलट ही इन ट्रेनों का संचालन करेंगे।

अनुभवी लोको पायलट ही इन ट्रेनों का संचालन करेंगे।

HighLights

  1. प्रीमियम ट्रेनों में मालगाड़ी के लोको पायलट तैनात नहीं होंगे।

  2. निर्धारित ग्रेड और अनुभवी लोको पायलट ही प्रीमियम ट्रेन चलाएंगे।

  3. लोको पायलटों के आराम के घंटों की निगरानी भी होगी सख्त।

संवाद सहयोगी, झुमरीतिलैया (कोडरमा)। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारतीय रेलवे ने राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में मालगाड़ी के लोको पायलट (एलपी) की तैनाती को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।

रेलवे बोर्ड की ओर से प्रीमियम ट्रेनों के अलावा मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में भी गुड्स एलपी की ड्यूटी को लेकर नया मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू किया गया है। नए निर्देश के अनुसार प्रीमियम ट्रेनों के संचालन के लिए तय ग्रेड और पर्याप्त अनुभव रखने वाले लोको पायलटों को ही जिम्मेदारी दी जाएगी।

रेलवे बोर्ड के निदेशक विद्युत अभियंत्रिकी (चल स्टाक) विकास आनंद ने सभी जोन के महाप्रबंधकों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए ए ग्रेड गुड्स एलपी का अलग पैनल तैयार किया जाएगा। इस पैनल में शामिल लोको पायलटों की सेफ्टी स्क्रीनिंग अनिवार्य होगी।

स्क्रीनिंग के बिना किसी भी गुड्स एलपी को मेल-एक्सप्रेस ट्रेन की लिंक में ड्यूटी नहीं दी जाएगी। लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर के ड्यूटी के साथ-साथ रेस्ट आवर्स पर भी रेलवे बोर्ड ने विशेष निगरानी रखने को कहा है। पर्याप्त निर्धारित आराम पूरा किए बिना किसी क्रू की बुकिंग किए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

सभी ट्रेनों के क्रू की निगरानी और क्रास-चेक क्रू मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) के जरिए किया जाएगा। लगातार ड्यूटी करने अथवा पर्याप्त आराम नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित एलपी को तत्काल ड्यूटी से हटा दिया जाएगा।

रेलवे बोर्ड को हाल के दिनों में कुछ मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में गुड्स लोको पायलटों की तैनाती से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन्हीं शिकायतों के बाद रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने का निर्णय लिया है।

अब मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए लोको पायलट का चयन उसकी सीनियरिटी, सेफ्टी रिकॉर्ड और ट्रैक्शन से संबंधित जानकारी के आधार पर किया जाएगा। सभी जोनल रेलवे को अपने-अपने क्रू लाबी में इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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