दिवाली-छठ पर घर लौटना हुआ मुश्किल, ट्रेनों में सीटें भरीं; तत्काल टिकट के लिए 5 घंटे पहले लग रही कतार
धनतेरस, दीपावली और छठ महापर्व पर दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों से घर लौटने वाले यात्रियों को ट्रेन टिकटों की भारी ...और पढ़ें

टिकट के लिए लंबी कतार में लगे यात्री। जागरण
HighLights
दीपावली-छठ पर बड़े शहरों से घर वापसी के लिए टिकटों की कमी।
तत्काल टिकट मिनटों में खत्म, लंबी प्रतीक्षा सूची से यात्री परेशान।
संवाद सहयोगी, झुमरीतिलैया (कोडरमा)। धनतेरस, दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व पर अपनों के साथ त्योहार मनाने की चाह रखने वाले प्रवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली, मुंबई समेत देश के विभिन्न शहरों में काम करने वाले झारखंड और बिहार के हजारों लोगों को घर लौटने के लिए कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है।
दो माह पहले आरक्षण शुरू होते ही कई प्रमुख ट्रेनों की सीटें भर गई थीं। अब अनेक ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची और नो रूम की स्थिति है। ऐसे में यात्रियों के सामने पूजा स्पेशल ट्रेनों और तत्काल टिकट का विकल्प बचा है। वहीं, त्योहार के बाद कोडरमा से दूसरे शहरों के लिए जाने वाले यात्रियों को भी टिकट के लिए जूझना पड़ रहा है।
कोडरमा रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटरों पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ जुट रही है। तत्काल टिकट के लिए लोग काउंटर खुलने से तीन से पांच घंटे पहले कतार में खड़े हो रहे हैं। इसके बावजूद एसी और स्लीपर श्रेणी के तत्काल टिकट कुछ ही मिनटों में समाप्त हो जा रहे हैं।
आसपास के ग्रामीण इलाकों के अलावा हजारीबाग, रामगढ़, गिरिडीह और बिहार के रजौली क्षेत्र से भी लोग टिकट लेने पहुंच रहे हैं। कई यात्रियों को घंटों इंतजार के बाद भी निराश होकर लौटना पड़ रहा है। दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में दीपावली और छठ से पहले भारी दबाव है।
लोगों का कहना है कि महीनों पहले टिकट बुक कराने के बावजूद कन्फर्म नहीं हो पा रहा है। इससे परिवारों के साथ त्योहार मनाने की योजना प्रभावित हो रही है। कुछ स्थानीय लोग दिल्ली में रहने वाले अपने स्वजन के लिए यहां से टिकट लेने पहुंच रहे हैं। यात्रियों ने अतिरिक्त ट्रेनों के परिचालन और उपलब्ध सीटों की जानकारी बेहतर तरीके से देने की मांग की है।
आगामी त्योहारों को देखते हुए यात्रियों की मांग के अनुरूप कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनों का परिचालन कराया गया है। रेलवे का प्रयास है कि त्योहार के दौरान यात्रियों को घर पहुंचने में परेशानी न हो। यात्रियों को सलाह है कि वे रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या पूछताछ माध्यमों से स्पेशल ट्रेनों की जानकारी लेकर यात्रा की योजना बनाएं और टिकट के लिए केवल अधिकृत माध्यमों का उपयोग करें।
-सीपीआरओ सरस्वती चंद, पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर।
दिल्ली में रहने वाले अपने बेटे को दीपावली पर घर बुलाने के लिए टिकट लेने आया था। दिल्ली में भी टिकट के लिए काफी मारामारी है। इसलिए कोडरमा स्टेशन स्थित काउंटर पर टिकट कराने की कोशिश कर रहा हूं। कन्फर्म टिकट मिल जाए तो परिवार के साथ त्योहार मनाने का मौका मिलेगा।
-विकास कुमार, झुमरीतिलैया।
मुझे दिल्ली से आने वाले अपने स्वजन के लिए दो टिकट चाहिए, लेकिन काउंटर पर घंटों लाइन लगने के बाद भी कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है। त्योहार पर परिवार के लोगों के घर आने की उम्मीद रहती है, लेकिन टिकट की समस्या के कारण योजना बनाना मुश्किल हो रहा है।
-ममता कुमारी, डोमचांच।
मैं सुबह से रेलवे का टिकट काउंटर खुलने का इंतजार कर रहा हूं। एसी और स्लीपर श्रेणी के तत्काल टिकट कुछ ही मिनटों में खत्म हो जाने के कारण टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है। त्योहार के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की जाए, ताकि जरूरतमंद यात्रियों को राहत मिल सके।
-राजेश कुमार, चंदवारा।
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