खूंटी उपकारा में लगी जेल अदालत, तीन कैदी रिहा किए गए

जासं, खूंटी : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली और झालसा रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार खूंटी द्वारा उपकारा खूंटी में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सोमवार को जेल अदालत और कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जेल अदालत में तीन कैदियों को दोष स्वीकार करने पर मुक्त किया गया। मंगलवार को इस आशय की विज्ञप्ति जारी कर डालसा सचिव ने बताया ये तीनों कैदी एसडीजेएम दिनेश बाउरी के न्यायालय से मुक्त किए गए। जेल अदालत के अलावा कारा परिसर में कानूनी जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सत्यपाल ने कहा कि सभी कैदियों का विचारण बड़ी तेजी से हो रहा है। हर कैदी अपने-अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपने वादों का निष्पादन कराएं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डालसा सचिव मनोरंजन कुमार ने सभी कैदियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि सभी कैदियों को न्यायालय में चल रहे अपने मामले के बारे में जानकारी रखने का हक है। आपको निश्शुल्क न्याय देना हमारा कर्तव्य है, बशर्ते आप हक लेने के लिए आगे बढ़ें। आप सभी कानून में विश्वास करते हैं और यह आपके धैर्य की भी परीक्षा है। आप अपने अंदर दबी हुई प्रतिभा को जगाएं और समय का सदुपयोग करते हुए लिखने-पढ़ने की आदत डालें। कार्यक्रम में डालसा आपकी मदद करेगा। ज्ञात हो कि नालसा और झांसा के निर्देश पर यूटीआरसी 75 योजना के तहत विचाराधीन कैदियों को मुक्त करने के लिए गठित समिति की अनुशंसा के आधार पर खूंटी जिले के उपकारा से कुल 19 विचाराधीन कैदियों को रिहा किया गया है। 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित जेल अदालत ने कुल तीन कैदियों को उसके दोष स्वीकार करने पर मुक्त किया गया। कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सत्यपाल, डालसा सचिव मनोरंजन कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम दिनेश बाउरी, न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय तुषार आनंद, डालसा के सहायक अवनीश भारद्वाज, पैनल अधिवक्ता, डालसा के पीएलवी, कारा अधीक्षक आदि उपस्थित थे।

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