करमाटांड़ : लॉकडाउन के दौरान गुजरात से गोरखपुर जा रही एक महिला करमाटांड़ पहुंची। यहां एक एक दंपती ने आसमा खातून नामक इस महिला को शरण दी है। महिला घर जाने की जिद पर अड़ी है। पर उसे भेजने का कोई साधन नहीं मिल पा रहा है।

पूछे जाने पर महिला ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर, मोगलाहा गांव के सादिक अली की पुत्री है। वह अपने मामा के घर यूपी के गोरखपुर पिपराइच में पली-बढ़ी और मामा घर से ही अपने मामा के ही दोस्त धर्मेद्र यादव से शादी रचा ली और अपने पति के साथ गुजरात चली गई। उनके पति कोई प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। खातून के पति धर्मेद्र यादव से कुछ बातों को लेकर कहासुनी हो गई और वह गुजरात से अपने मामा घर उत्तर-प्रदेश गोरखपुर आने के लिए भुसावल सूरत रेलवे स्टेशन में गलत ट्रेन पकड़ ली। खड़कपुर रेलवे स्टेशन में करमाटांड़ निवासी मोहम्मद शौकत अंसारी व उनकी पत्नी ने देखा कि एक महिला रो रही है। जब इस दंपती ने पूछा तो बताया कि वह गलत ट्रेन में चढ़कर गलत जगह पहुंच गई है। उसी दिन संयोग ऐसा हुआ कि कोरोना महामारी को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन हो गया। दंपत्ति ने उस महिला को अपने साथ घर ले आया। तब से आज तक महिला आसमा खातून करमाटांड़ में है और वह अब अपने मामा घर गोरखपुर जाने की जिद कर रही है। पीड़िता ने उपायुक्त से अपने घर जाने को लेकर सहायता की अपील की।

Posted By: Jagran

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