संवाद सहयोगी, कुंडहित (जामताड़ा) : आजसू केंद्रीय सचिव सह दुमका जिला प्रभारी माधव चंद्र महतो स्थानीय प्रखंड कार्यालय के समीप पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मनरेगा एक योजना नहीं बल्कि एक कानून है। सरकार ने मनरेगा कानून के तहत कोई भी मजदूर बिना काम का भूख से न मरे इसलिए इस कानून के तहत मनरेगा श्रमिकों के परिवार को 100 दिन का रोजगार देने के लिए धरातल पर उतारा है, लेकिन आज जो स्थिति है झारखंड सरकार का एक सौ दिन का रोजगार नहीं मिलने के कारण मजदूर राज्य से बाहर पलायन कर रहे हैं। कारण यही है कि राज्य सरकार मनरेगा मजदूरों को रोजगार देने में विफल हैं। क्षेत्र में मजदूर रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। साथी ही मजदूरों को काम के बाद समय पर मजदूरी भुगतान नहीं हो रहा है। मजदूरों को अपने नियति पर छोड़ दिया गया है जिसका आजसू निदा करती है। साथ ही उन्होंने सरकार से कहा कि यदि समय पर इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बाध्य होकर आजसू पार्टी को सड़क पर उतर कर मजदूरों के हक के लिए लड़ाई करेंगे। मौके पर आजसू के प्रखंड अध्यक्ष गया प्रसाद मंडल, सुनील गोराई, नोनी गोपाल गोराई सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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