विद्यासागर (जामताड़ा) : विद्यासागर (करमाटांड़) प्रखंड सभागार में रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के एसीजीएम शैलेंद्र कुमार ने संविधान में मौजूद मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब तक आप भारतीय संविधान का अध्ययन नहीं करेंगे तब तक अपने मौलिक कर्तव्य और अधिकार को नहीं जान पाएंगे। भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है। इस संविधान के अनुसार ही देश चलता है। भारतीय संविधान में सभी लोगों को समान अधिकार दिया गया है लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इसका समुचित लाभ नहीं उठा पाते हैं। सचिव ने बच्चियों को कानून से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज सामाजिक कुरीतियां समाप्त नहीं हो रहा है। किसी न किसी बहाने आए दिन महिलाएं प्रताड़ना का शिकार हो रही हैं। ऐसे में एक अच्छे समाज को बनाने के लिए सोच बदलनी होगी। उन्होंने कहा कि बालिका आवासीय विद्यालय में प्रत्येक 15 दिन पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करना चाहिए जिससे बच्चों का ध्यान स्वास्थ्य के प्रति आकर्षित हो। मौके पर कस्तूरबा विद्यालय के पेयजल की समस्या पर भी चर्चा हुई। जिसे अविलंब समाधान करने की बात की गई। बच्चियों को मन लगाकर पढ़ने को कहा। बताया कि छोटी उम्र में शादी हो जाने से बच्चों का विकास रुक जाता है जिसका परिणाम उन्हें ही भुगतना पड़ता है। उन्होंने बच्चों को कम उम्र में विवाह नहीं करने की सलाह दी।

मौके पर थाना प्रभारी रामसरीख तिवारी ने लोगों को यातायात अधिनियम की जानकारी दिया। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को हेलमेट पहनकर व सीट बेल्ट लगाकर ही वाहन चलाना चाहिए। आए दिन हो रही दुर्घटना का प्रमुख कारण हेलमेट नहीं पहना प्रमुख है। अंचल अधिकारी सच्चिदानंद वर्मा ने कहा कि कोई भी विधिक जानकारी प्राप्त करना हो तो वह सीधे विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करें। कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग लोगों को छड़ी व प्रशिक्षण प्राप्त करनेवाले मजदूरों को प्रपत्र भी वितरण किया गया। मौके पर बीपीआरओ महादेव पोदार, गोपाल मंडल, राजेंद्र मंडल, गौतम बाउरी आदि लोग उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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