जामताड़ा : शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाने व तंबाकू के दुष्परिणामों के प्रति छात्रों में जागरूकता लाकर उन्हें इस व्यसन से दूर रखने के लिए झारखंड सरकार ने सभी निजी व सरकारी स्कूलों में नई पहल आरंभ करने का निर्णय लिया है। इस दिशा में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी शैक्षणिक संस्थानों में नए तरीके से जागरूकता लाने का निर्देश दिया है।

सरकार ने सभी स्कूलों में विशेष अवसरों पर जैसे विश्व तंबाकू दिवस, शिक्षक दिवस, झारखंड स्थापना दिवस आदि ऐसे विशेष मौके पर तंबाकू के दुष्परिणामों पर संगोष्ठी, कार्यशाला, शपथ समारोह का आयोजन करने का निर्देश दिया है। साथ ही स्कूलों के प्रार्थना सभा में तंबाकू के दुष्परिणामों से संबंधित तंबाकू विरोधी प्रतिज्ञा को भी शामिल करना है ताकि प्रतिदिन प्रार्थना के बाद स्कूली छात्रों को तंबाकू जैसे खतरनाक व्यसन से बचाने को नियमित जागरूक किया जा सके।

शैक्षणिक संस्थानों को भी सभी द्वार पर तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान के प्रावधानों को दीवार लेखन व बोर्ड के माध्यम से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने सभी संस्थान के प्रभारी को स्कूल परिसर से एक सौ गज की दूरी पर पीली रेखा खींचकर तंबाकू मुक्त क्षेत्र घोषित करते हुए प्रदर्शित करने को कहा है।

शिक्षण संस्थानों को परिसर में प्रवेश करनेवाले छात्र, कर्मी, आगंतुक, वाहन चालक व सहायक आदि को किसी भी प्रकार के तंबाकू उपयोग पर प्रतिबंध लगाने को संस्थान के दिशा निर्देशिका में नो टोबैको यूज इन एडूकेशनल इंस्टीच्यूट एंड मोड ऑफ ट्रांसपोर्ट को सम्मिलित करने को कहा गया है।

स्कूलों में तंबाकू प्रयोग की निगरानी के लिए सरकार ने तंबाकू मोनिटर जो कक्षा नौ से ग्यारह तक के छात्र होंगे उसे नामित करने को कहा है। जबकि संस्थान के कर्मचारियों व शिक्षकों के बीच तंबाकू प्रयोग पर निगरानी के लिए कम से कम तीन या उससे अधिक व्यक्तियों को प्राधिकृत करने को कहा गया है। लेकिन उक्त टीम में ऐसे किसी व्यक्ति को प्राधिकृत या नामित नहीं करने को कहा गया हो जो तंबाकू का उपयोग करते हों। संस्थान के कर्मी, शिक्षक तथा छात्रों को तंबाकू कंपनी के द्वारा आयोजित कार्यक्रम और पुरस्कार को भी बहिष्कार करने का निर्देश दिया गया है।

इस संदर्भ में उपायुक्त गणेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों का अनुपालन के लिए विभाग को अविलंब पहल करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही निर्देश अनुपालन की जांच के लिए प्रशासनिक पदाधिकारी को भी निगरानी करने को कहा गया है। जहां तंबाकू विरोधी गतिविधियां नहीं पाई जाती हैं, ऐसे संस्थानों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है।

Posted By: Jagran

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