जामताड़ा : मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना से वंचित तमाम योग्य किसानों को लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। इसके लिए यदि कृषि विभाग को प्रचार-प्रसार करने की भी जरूरत है तो अवश्य करें लेकिन एक भी किसान योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए। शुक्रवार को अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित कृषि आशीर्वाद योजना की समीक्षा बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी को उपायुक्त गणेश कुमार ने उक्त निर्देश दिया। डीसी ने कृषि पदाधिकारी को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की प्रगति प्रतिवेदन भी अविलंब जमा करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि खरीफ फसल के लिए प्रतिवर्ष प्रति एकड़ पांच हजार रुपये मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत दिया जाना है। इसमें ऐसे लघु एवं सीमांत किसान जिनके पास 5 एकड़ तक जमीन है उन्हें इसका लाभ मिलेगा। साथ ही बताया गया कि झारखंड के 22 लाख 76 हजार किसानों को इसका लाभ मिलना है। झारखंड सरकार इस योजना पर 2250 करोड़ रुपये खर्च करेगी। झारखंड की 45 लाख हेक्टेयर कृषि जमीन पर किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना झारखंड राज्य की एक बहुत बड़ी जनकल्याणकारी योजना है जिससे किसानों को खेती के अवसर को बढ़ावा मिलेगी तथा किसान आत्मनिर्भर बनेंगे। 32 हजार किसानों को मिला प्रथम किस्त का भुगतान : जिला कृषि पदाधिकारी सबन गुड़िया ने बताया कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत जिले के 32 हजार 169 किसानों के खाते में करीब दस करोड़ 69 लाख 65 हजार नौ सौ रूपया प्रथम किस्त का भुगतान मिल चुका है। जबकि 67 हजार किसानों का एंट्री हो चुका है जिसमें 39 हजार किसानों का शीघ्र ही प्रथम किस्त की स्वीकृति मिलने वाली है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक लक्ष्य के मुताबिक जिले के 71 हजार किसानों का योजना के तहत एंट्री करना है,पर यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। डीएओ ने जानकारी देते हुए कहा कि जिन किसानों के खाता में प्रथम किस्त की राशि का भुगतान नहीं हुआ है वे जनसंवाद में न जाकर सीधे मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद जिला निवारण शिकायत कोषांग से संपर्क करें जहां उनके समस्याओं का समाधान किया जाएगा। मौके पर अपर समाहर्ता सुरेन्द्र प्रसाद भी मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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