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SIR में फर्जीवाड़ा! जामताड़ा में फर्जी जाति-आवासीय प्रमाणपत्र से मतदाता बनाने का खेल, दो प्रज्ञा केंद्र संचालक पर FIR

Published: Fri, 02 Oct 2026 08:15 PM (IST)

Jamtara में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान फर्जी जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का मामला सामने आया है।

जामताड़ा के नारायण प्रखंड के दो बीएलई पर प्राथमिकी दर्ज। (एआइ फोटो)

जामताड़ा के नारायण प्रखंड के दो बीएलई पर प्राथमिकी दर्ज। (एआइ फोटो)

HighLights

  1. मतदाता सूची पुनरीक्षण में फर्जी जाति/आवासीय प्रमाण पत्र मिले।

  2. दो प्रज्ञा केंद्र संचालकों हसन शेख, शमीम शेख पर FIR।

  3. जिला प्रशासन ने फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

जागरण संवाददाता, जामताड़ा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम-2026 के तहत चल रही दावा एवं आपत्ति सुनवाई के दौरान फर्जी जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जाने का मामला सामने आया है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आलोक कुमार के निर्देश पर नारायणपुर अंचल अधिकारी देवराज गुप्ता ने संबंधित वीएलई (प्रज्ञा केंद्र संचालक) हसन शेख एवं शमीम शेख के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।

नारायणपुर थाना में कांड संख्या 169/2026 दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार एसआईआर के दौरान सिद्दीक मियां, मजीदन बीवी एवं शमीम शेख की ओर से प्रस्तुत जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्रों के सत्यापन में प्रथम दृष्टया अनियमितता पाई गई।

इसके बाद अंचल कार्यालय की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर प्रमाण पत्रों के संबंध में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया।

इनमें दो आवेदकों ने अंचल अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर लिखित रूप से बताया कि उनके आवेदन के आधार पर हसन शेख ने जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र तैयार कर उपलब्ध कराया था। वहीं शमीम शेख ने अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया।

मामले में अंचल अधिकारी ने फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कराने को लेकर वीएलई हसन शेख एवं शमीम शेख के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन कार्य में फर्जी दस्तावेज अथवा गलत प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि एसआईआर के दौरान केवल वैध एवं प्रमाणिक दस्तावेज ही प्रस्तुत करें।

साथ ही जिले के सभी प्रज्ञा केंद्र संचालकों को निर्देश दिया गया है कि फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का कोई मामला सामने आने पर संबंधित संचालक का लाइसेंस रद्द करने के साथ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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