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जामताड़ा स्वास्थ्य विभाग में वर्षों से 1 ही जगह जमे लिपिकों का हुआ ट्रांसफर, 7 दिन बाद भी नहीं संभाला नया प्रभार

Published: Mon, 24 Aug 2026 04:39 PM (IST)

स्वास्थ्य निदेशालय के आदेश के बावजूद जामताड़ा के तीन लिपिकों का स्थानांतरण के सात दिन बाद भी विरमण नहीं हो सका है, जिससे विभाग में असमंजस की स्थिति है।

सदर अस्पताल जामताड़ा। (जागरण)

सदर अस्पताल जामताड़ा। (जागरण)

HighLights

  1. जामताड़ा के तीन लिपिकों का स्थानांतरण के बाद भी विरमण नहीं हुआ।

  2. स्वास्थ्य निदेशालय ने 31 जुलाई को 27 लिपिकों के स्थानांतरण का आदेश दिया।

  3. स्थानांतरित लिपिकों ने कोर्ट से अपने स्थानांतरण पर स्टे प्राप्त किया।

जागरण संवाददाता, जामताड़ा। एक ही स्थान पर वर्षों से पदस्थापित रहने और उनके कार्यकाल में किए गए कार्यों की जांच की आवश्यकता को देखते हुए स्वास्थ्य निदेशालय की स्थापना समिति ने जामताड़ा समेत राज्य के विभिन्न जिलों के 27 लिपिकों का स्थानांतरण किया था।

स्थानांतरण आदेश के बावजूद जामताड़ा सिविल सर्जन कार्यालय से स्थानांतरित तीन लिपिकों का अब तक विरमण नहीं हो सका है।

17 अगस्त तक संबंधित कर्मियों को नए पदस्थापन वाले स्थान पर योगदान देना था। समय-सीमा समाप्त हुए सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन तीनों लिपिक अब भी जामताड़ा में ही हैं।

वहीं, पलामू से स्थानांतरित होकर जामताड़ा पहुंचे लिपिक सतीश कुमार प्रभार लेने के लिए कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग में स्थानांतरण आदेश के अनुपालन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

स्वास्थ्य निदेशालय की स्थापना समिति के आदेश के तहत जामताड़ा से अरविंद प्रसाद का स्थानांतरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चटनिया, गढ़वा, सुजीत कुमार का मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मेदिनीनगर और पंकज मंडल का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोलेबिरा, सिमडेगा किया गया था।

आदेश में 17 अगस्त तक नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश था। हालांकि, तीनों कर्मियों के विरमण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

31 जुलाई को जारी हुआ था स्थानांतरण आदेश

स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से 31 जुलाई को 27 लिपिकों के स्थानांतरण का आदेश जारी किया गया था। इसमें स्पष्ट निर्देश था कि नियंत्री पदाधिकारी 14 अगस्त तक संबंधित कर्मियों को विरमित करेंगे। ऐसा नहीं होने की स्थिति में 17 अगस्त को कर्मियों को स्वत: विरमित समझा जाएगा।

साथ ही स्थानांतरित कर्मियों के योगदान करने या नहीं करने की सूचना 20 अगस्त तक निदेशालय को उपलब्ध कराने का निर्देश था। अगस्त माह का वेतन भी नए पदस्थापन वाले स्थान से भुगतान किए जाने की बात आदेश में कही गई थी।

कोर्ट के स्टे के बाद नहीं हुआ विरमण

सिविल सर्जन सुरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि 17 अगस्त को सभी स्थानांतरित कर्मियों को विरमित किया जाना था। इसी बीच तीनों कर्मी कोर्ट की शरण में चले गए और स्थानांतरण पर स्टे का पत्र प्रस्तुत किया।

इसके बाद उन्हें विरमित नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि पलामू से स्थानांतरित होकर एक कर्मी शनिवार को जामताड़ा में प्रभार लेने पहुंचे हैं।

स्थानांतरण के पीछे की वजह

स्वास्थ्य निदेशालय के एक पत्र में कहा गया है कि संबंधित लिपिक एक ही स्थान पर वर्षों से पदस्थापित हैं। इनके संबंध में विभिन्न स्रोतों से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि इनका स्थानांतरण अन्यत्र किया जाए।

लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थापन रहने से कर्मियों द्वारा अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कार्यों को प्रभावित करने की आशंका जताई गई थी।

इसी कारण प्रशासनिक दृष्टिकोण से इनका स्थानांतरण किया गया। निदेशालय ने संबंधित लिपिकों के पूर्व पदस्थापन अवधि में किए गए कार्यों की जांच कराने के लिए भी रिपोर्ट मांगा है।

पत्र में वित्तीय कार्य, किसी जनप्रतिनिधि अथवा वरीय पदाधिकारी से संबंधित शिकायत, भ्रष्टाचार या अनियमितता के आरोप, कानूनी अथवा विभागीय कार्रवाई और क्रय-मंडार से जुड़े कार्यों की भी जानकारी मांगी गई है।

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