विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चार साल से रोक के बावजूद दौड़ रहे थे भारी वाहन, अब बीच से धंसा बजराघाट पुल; जामताड़ा-धनबाद आवागमन प्रभावित

By Kaushal Kumar SinghEdited By: Mansi Kumari
Published: Wed, 19 Aug 2026 03:02 PM (IST)

जामताड़ा को धनबाद से जोड़ने वाले बराकर नदी पर स्थित बजराघाट पुल का बीच का हिस्सा धंस गया, जिससे दोनों ...और पढ़ें

बजराघाट पुल का बीच का हिस्सा अचानक धंसा। जागरण

बजराघाट पुल का बीच का हिस्सा अचानक धंसा। जागरण

HighLights

  1. बजराघाट पुल का बीच का हिस्सा अचानक धंसा।

  2. अवैध बालू खनन और जर्जरता को बताया कारण।

जागरण संवाददाता, जामताड़ा। जामताड़ा को धनबाद से जोड़ने वाले बराकर नदी पर स्थित बजराघाट पुल के बीच का हिस्सा बुधवार को अचानक धंस गया। पुल के एक हिस्से की स्थिति पहले से ही जर्जर थी और करीब चार वर्ष पूर्व पिलर नंबर चार के पास से आवागमन बंद कर दिया गया था।

प्रशासन की ओर से भी इस मार्ग पर आवाजाही रोक दी गई थी। इसके बावजूद पुल से बड़े वाहनों का परिचालन और लोगों की आवाजाही जारी थी। पुल के बीच से धंसने की घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार बजराघाट पुल काफी समय से जर्जर स्थिति में था। पुल के पिलर नंबर चार के पास संरचना कमजोर होने के कारण चार साल पहले ही इस हिस्से से आवागमन बंद कर दिया गया था।

इसके बाद भी कई लोग जोखिम उठाकर पुल से आवागमन करते रहे। खासकर बड़े वाहनों के इस रास्ते से गुजरने की शिकायत सामने आती रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक रोक के बावजूद वाहनों का परिचालन जारी रहना पुल की स्थिति को और गंभीर बनाता गया।

jamtara 1

अवैध बालू खनन से नींव कमजोर होने का आरोप

ग्रामीणों ने पुल के धंसने के पीछे बराकर नदी में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध बालू खनन को भी प्रमुख कारण बताया है। उनका कहना है कि नदी में लगातार बालू उठाव से पुल के पिलरों के आसपास नदी की सतह गहरी होती गई।

इससे पुल की नींव पर प्रतिकूल असर पड़ा। वहीं, पुल निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप भी स्थानीय लोगों ने लगाया है। हालांकि, पुल धंसने के वास्तविक कारणों की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।

jamtara 2

हजारों लोगों पर पड़ेगा असर

बजराघाट पुल से आवाजाही पूरी तरह बंद होने की स्थिति में जामताड़ा और धनबाद के हजारों लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी। दोनों जिलों के बीच आवागमन के लिए यह महत्वपूर्ण मार्ग है। पुल बंद होने से लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे जामताड़ा से धनबाद की दूरी बढ़ जाएगी।

इससे लोगों को अतिरिक्त समय और आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा। रोजाना नौकरी, कारोबार, शिक्षा और अन्य जरूरी कार्यों से दोनों जिलों के बीच आने-जाने वाले लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुल की तत्काल तकनीकी जांच कराने, अवैध बालू खनन पर रोक लगाने और पुल के स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, प्रशासनिक रोक के बावजूद बड़े वाहनों की आवाजाही कैसे जारी रही, इसकी भी जांच कराने की मांग उठी है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।