पेंशन के लिए बैंक नहीं पहुंच पा रही थीं सावित्री, खुद घर पहुंचे Jamtara BDO; वाहन से Bank ले जाकर खुलवाया खाता
Jamtara BDO अबिश्वर मुर्मू ने मेंझिया गांव की बुजुर्ग सावित्री राय को सर्वजन पेंशन योजना का लाभ दिलाने के लिए उनके घर जाकर मदद की।

महिला का खाता खुलवाने के लिए बैंक में बैठे जामताड़ा बीडीओ अबिश्वर मुर्मू । (फोटो जागरण)
HighLights
बीडीओ अबिश्वर मुर्मू ने बुजुर्ग सावित्री राय को पेंशन में मदद की।
घर से बैंक ले जाकर उनका खाता खुलवाने में सहायता की।
यह पहल प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवीयता की मिसाल बनी।
संवाद सहयोगी, जामताड़ा। सरकारी दफ्तरों और योजनाओं की लंबी प्रक्रिया के बीच कई बार जरूरतमंद लोगों के लिए एक छोटी-सी मदद भी बड़ी राहत बन जाती है। जामताड़ा प्रखंड के मेंझिया गांव में कुछ ऐसा ही देखने को मिला।
सर्वजन पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए जरूरी बैंक खाता खुलवाने में परेशानी झेल रही सावित्री राय की मदद के लिए बीडीओ अबिश्वर मुर्मू खुद उनके पास पहुंचे। सावित्री राय, पति मोतीलाल राय, मेंझिया गांव की निवासी हैं।
पेंशन योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए बैंक खाता जरूरी था। महिला की स्थिति को देखते हुए बीडीओ ने उन्हें अपने वाहन से वनांचल ग्रामीण बैंक, मेंझिया पहुंचाया और अपनी मौजूदगी में खाता खुलवाने की प्रक्रिया पूरी कराई।
बैंक में संबंधित पंचायत की मुखिया मिरूदी सोरेन भी मौजूद रहीं। उन्होंने भी पूरी प्रक्रिया में सहयोग किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सावित्री राय के लिए अब सर्वजन पेंशन योजना की राशि प्राप्त करने का रास्ता आसान हो गया है।
दफ्तर बुलाने के बजाय खुद पहुंचे अधिकारी
बीडीओ की पहल की खास बात यह रही कि उन्होंने जरूरतमंद महिला को सरकारी कार्यालय या बैंक तक आने के लिए इंतजार नहीं कराया।
महिला की स्थिति को समझते हुए खुद उनके पास पहुंचे और फिर अपने वाहन से बैंक लेकर गए। ग्रामीणों के लिए अधिकारी का यह व्यवहार चर्चा का विषय बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पाने में सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग, कमजोर और असहाय लोगों को होती है।
ऐसे में अधिकारी यदि उनकी परेशानी को समझकर खुद पहल करें, तो योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाना आसान हो जाता है।
कागजों से आगे बढ़कर दिखी प्रशासनिक संवेदनशीलता
सावित्री राय का मामला महज एक बैंक खाता खुलवाने तक सीमित नहीं है। यह उस सोच को सामने लाता है, जिसमें सरकारी योजना का मतलब केवल फाइल और कागजी प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकारी मदद पहुंचाना है।
बीडीओ अबिश्वर मुर्मू की यह पहल प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की मिसाल के तौर पर सामने आई है। ग्रामीणों का मानना है कि अधिकारियों की ऐसी पहल से आम लोगों का प्रशासन पर भरोसा मजबूत होता है।
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