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जामताड़ा में लगातार बारिश से बिगड़े हालात: नदियां-नाले उफान पर, निचले इलाकों में घुसा पानी

Published: Sat, 26 Sep 2026 08:59 AM (IST)

अवदाब के प्रभाव से जामताड़ा समेत झारखंड में भारी बारिश हो रही है, जिससे नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलजमाव हो गया है।

निचले इलाकों में घुसा पानी

निचले इलाकों में घुसा पानी

HighLights

  1. जामताड़ा में अवदाब के कारण भारी बारिश का अलर्ट जारी।

  2. नदियां-नाले उफान पर, निचले इलाकों में जलजमाव और बाढ़ का खतरा।

  3. फसलों को नुकसान और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह।

जागरण संवाददाता, जामताड़ा। दक्षिण ओडिशा और उससे लगे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना अवदाब उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 25 सितंबर की सुबह 8:30 बजे यह दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण आंतरिक ओडिशा के ऊपर केंद्रित था। 

इसके अगले 12 घंटे तक अवदाब के रूप में बने रहने और इसके बाद कमजोर होकर स्पष्ट कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसका असर झारखंड में भी देखने को मिलेगा। 

राज्य के सभी हिस्सों में बारिश होने की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 25 के बाद आज 26 सितंबर को जामताड़ा समेत राज्य के लगभग सभी हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं गरज, वज्रपात, भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

रांची स्थित भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरीय मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि 25 सितंबर को झारखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया था। साथ ही आज 26 सितंबर को भी राज्य में कहीं-कहीं गरज-वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। जामताड़ा समेत उत्तर-पश्चिमी झारखंड में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

जलजमाव और फसलों को नुकसान का खतरा

मौसम विभाग ने भारी बारिश के कारण निचले इलाकों, शहरी क्षेत्रों और सड़कों पर जलजमाव की आशंका जताई है। नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने से निचले ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। खेतों में अत्यधिक पानी जमा होने से धान और सब्जियों समेत खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए किसानों को खेतों में अतिरिक्त पानी की सुरक्षित निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। धान के खेतों में जलजमाव होने पर अतिरिक्त पानी निकालने और बारिश के दौरान यूरिया की ऊपरी खाद डालने से बचने को कहा गया है। मक्का, अरहर और सब्जियों में भी जलनिकासी का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले रास्तों, सब-वे और कमजोर पुल-पुलिया को पार नहीं करने की सलाह दी गई है। जलजमाव वाले क्षेत्रों में बिजली के खंभों, तारों और ट्रांसफार्मर से सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा गया है। घर में पानी प्रवेश करने पर बिजली के उपकरण बंद कर मुख्य स्विच ऑफ करने की सलाह दी गई है।

नाला : चक्रवात के प्रभाव प्रखंड क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से नाला क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। नदी, नाले, जोरिया आदि में पानी उफान पर है। लगातार बारिश से कुरुली नदी, क्षेत्र अंतर्गत नवडीहा, भेड़ों, मधुबन आदि गांव स्थित जोरिया में का बहाव काफी तेज हो गया है। वहीं पश्चिम बंगाल से सटे अजय नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है।

कुंडहित: लगातार हो रही बारिश से कुंडहित प्रखंड क्षेत्र में जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बुधवार से प्रारंभ हुई बारिश शुक्रवार को लगातार होती रही। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर जल जमाव हो गया है। लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया है। वहीं लगातार बारिश होने से निचले स्तर पर रहने वालों घरों पर पानी घुस गया। लगातार बारिश से कुंडहित के सुभाष मंडल के घर पानी घुस जाने से घर में रखा अनाज तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं पूरी तरह से बर्बाद हो गया।

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