विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात का झारखंड में दिखेगा असर, तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट

Published: Fri, 23 Oct 2026 07:58 PM (GMT+05:30)

Jamtara Weather Update: बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से झारखंड में मौसम का मिजाज बदलेगा, 27 ...और पढ़ें

बंगाल की खाड़ी में उठ रहा चक्रवाती तूफान। (सांकेतिक फोटो)

बंगाल की खाड़ी में उठ रहा चक्रवाती तूफान। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र चक्रवात में बदलेगा।

  2. झारखंड में 27 से 30 अक्टूबर तक भारी बारिश, तेज हवाएं संभव।

  3. किसानों को सावधानी बरतने, कच्चे मकानों को नुकसान की आशंका।

जागरण संवाददाता, जामताड़ा। Jharkhand Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण झारखंड में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत होकर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।

इसका असर 27 अक्टूबर से झारखंड में दिखने की संभावना है। 28 से 30 अक्टूबर के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है।

रांची स्थित भारती मौसम विज्ञान केंद्र के वरीय मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि 23 अक्टूबर की सुबह दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके 24 अक्टूबर तक और मजबूत होने और 25 अक्टूबर को गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है।

इसके बाद 26 अक्टूबर तक इसके चक्रवात में बदलने का अनुमान है। इसके प्रभाव से 28 अक्टूबर की सुबह तक दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में पहुंचने की संभावना जताई गई है।

28 और 29 अक्टूबर को व्यापक असर की आशंका

आनंद ने बताया कि इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से 27 अक्टूबर से झारखंड में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। दक्षिणी, दक्षिण-पूर्वी और उत्तर-पूर्वी झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। राज्य के मध्यवर्ती इलाकों में भी बादल छाए रहने और वर्षा के आसार हैं। 28 और 29 अक्टूबर को इसका प्रभाव अधिक व्यापक हो सकता है।

इस दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ तेज हवा चलने की आशंका है। 30 अक्टूबर को भी मौसम का असर बना रह सकता है। एक नवंबर से मौसम प्रणाली के कमजोर पड़ने और उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके बाद झारखंड में बारिश और तेज हवाओं के प्रभाव में कमी आ सकती है।

धान की फसल को फायदा, सब्जी उत्पादक रहें सतर्क

मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों को खेती से जुड़े काम सावधानीपूर्वक करने की सलाह दी गई है। जिन खेतों में धान की फसल पकने की स्थिति में है, वहां बारिश से लाभ हो सकता है।

हालांकि, तेज हवा और भारी बारिश से फसल गिरने तथा कटाई के बाद खेतों में रखी उपज को नुकसान पहुंचने की आशंका भी है। सब्जी की खेती करने वाले किसानों को जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने और खेतों में पानी जमा नहीं होने देने की तैयारी करनी चाहिए। तेज हवा से सब्जियों की फसल, पौधों और अस्थायी संरचनाओं को नुकसान पहुंच सकता है।

कच्चे मकानों और टीन के शेड को हो सकता है नुकसान

संभावित खराब मौसम को देखते हुए आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। तेज हवा और भारी बारिश के दौरान कमजोर मिट्टी के मकानों, टीन के शेड और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए। हालांकि, चक्रवात की दिशा, तीव्रता और झारखंड में इसके वास्तविक प्रभाव को लेकर आगे के मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी होगा।

यह भी पढ़ें- जामताड़ा में खेत बचाओ अभियान: दलहन-तिलहन की उन्नत खेती की तकनीक से रूबरू हुए किसान

यह भी पढ़ें- जामताड़ा को मिलेगी नई पहचान, 420 बेड का मेडिकल कॉलेज बदल सकता है तस्वीर