जामताड़ा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को आश्रम विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुशेश्वर सिकू ने उपस्थित बच्चियों को संविधान में मौजूद मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब तक आप भारतीय संविधान का अध्ययन नहीं करेंगे तब तक अपने मौलिक कर्तव्य और अधिकार को जान नहीं पाएंगे। भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है। इस संविधान के अनुसार ही पूरा देश चलता है। भारतीय संविधान में सभी लोगों को समान अधिकार दिया गया है लेकिन जानकारी के अभाव में लोग उसका समुचित लाभ उठा नहीं पाते हैं।

सचिव ने बच्चियों को कानून से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज सामाजिक कुरीतियां समाज से जाने का नाम नहीं ले रही है। किसी न किसी बहाने आए दिन महिलाएं प्रताड़ना का शिकार हो रही हैं। ऐसे में एक अच्छे समाज को बनाने के लिए अपनी मानसिक सोच बदलनी होगी। फोस्टर केयर के बारे में बताया कि अगर किसी बच्चे के माता-पिता नहीं हैं और वह अन्य कहीं जाकर रह रहा है या कोई और पालन-पोषण कर रहा है तो पालन करनेवाले बच्चों के अभिभावक को 2,000 रुपये बाल कल्याण समिति के निरीक्षण के पश्चात दी जाती है। अभिभावक राशि लेने के बाद बच्चों का सही ढंग से देखभाल नहीं करेंगे तो रिपोर्ट के आधार पर सरकार लाभ निरस्त भी करती है। उन्होंने बच्चियों को मन लगाकर पढ़ने की नसीहत दी। बताया कि छोटी उम्र में शादी हो जाने से बच्चों का विकास रुक जाता है जिसका परिणाम उन्हें ही भुगतना पड़ता है। उन्होंने बच्चों को कम उम्र में विवाह नहीं करने की सलाह दी। मौके पर विद्यालय के प्राचार्य मार्सेला मरांडी ने बच्चियों से कहा कि यदि अप्रिय घटना होती है तो उसकी सूचना थाने को दें। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सभी जिलों में महिला थाना बनाया गया है। मौके पर अधिवक्ता मोहम्मद सुफियान, पीएलबी राजेश दत्त, शिक्षिका नीतू कुमारी, नीलू कुमारी, पवन कुमार सहित अन्य शिक्षक मौजूद थे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस