यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
16 मई से खाद्यान्न विक्रेता ने दी व्यवसाय बंद करने की धमकी
16 मई से खाद्यान्न विक्रेता ने दी व्यवसाय बंद करने की धमकी

16 मई से खाद्यान्न विक्रेता ने दी व्यवसाय बंद करने की धमकी
संवाद सहयोगी, जामताड़ा : मंगलवार को चैंबर आफ कामर्स का एक प्रतिनिधि मंडल जामताड़ा परिसदन में झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी से मिला। मौके पर कामर्स के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी से कहा कि पिछले 25 मार्च को झारखंड सरकार ने कृषि बाजार समिति टैक्स को लागू किया है जो एकदम न्यायोचित नहीं है इस काले कानून के लागू किए जाने के विरोध में अपना समर्थन दें। क्योंकि पूर्व में आपकी सरकार ने इस काले कानून को खत्म किया था, जबकि हमारे पड़ोसी राज्य बिहार, बंगाल, ओडिशा में कृषि उत्पादित सामानों पर किसी भी तरह का कोई भी टैक्स नहीं है जब पूरे देश में जीएसटी को लागू किया जा रहा था तब कहा गया था कि इसमें ही सारे तरह के टैक्स समाहित हैं फिर अलग से कृषि बाजार समिति टैक्स क्यों? अगर इसे लागू किया जाता है तो महंगाई व भ्रष्टाचार बढ़ेगा, इंस्पेक्टर राज कायम हो जाएगा इसलिए पूरे झारखंड के खाद्यान्न खुदरा विक्रेताओं और थोक विक्रेताओं ने विरोध किया और जब तक इस काले कानून को झारखंड सरकार वापस नहीं लेती है तब तक सड़क से सदन तक लड़ाई जारी रहेगी, पूरे झारखंड में 19 मई 2022 से चरणबद्ध तरीके से इस काले कानून के विरुद्ध में आंदोलन चल रहा है और ये आंदोलन 15 मई तक चलेगा। सरकार बाजार समिति टैक्स को वापस ले लेती है तो ठीक है नही तो 16 मई से पूरे झारखंड के खाद्यान्न बिक्रेता अपना व्यवसाय बंद कर देंगे और इसकी सारी जिम्मेदारी झारखंड सरकार की होगी।
