नारायणपुर (जामताड़ा) : बेंगलुरु और कोलकाता से गुरुवार की सुबह नारायणपुर पहुंचे 30 प्रवासी मजदूरों की स्वास्थ्य जांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणपुर में हुई। सीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अíपता बेरा, डॉक्टर केदार महतो की मेडिकल टीम ने बारी-बारी से शारीरिक दूरी के साथ सभी प्रवासी मजदूरों की स्वास्थ्य जांच की और सभी को अगले 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन करने को कहा गया है। होम क्वारंटाइन नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। ये सभी मजदूर चार-पांच माह पूर्व काम करने के लिए बेंगलुरु और कोलकाता गए थे। पूर्णबंदी में वहीं फंस गए थे। सभी मजदूर ट्रेन से कोलकाता और बेंगलुरु से बोकारो पहुंचे और वहां से बस के माध्यम से नारायणपुर पहुंचे। यहां पहुंचने पर स्वास्थ्य जांच हुई। इस संबंध में डॉक्टरों ने कहा कि प्रवासी मजदूरों का नारायणपुर में स्वास्थ्य की जांच की जा रही है ताकि कोरोना वायरस के प्रसार को रोका जा सके। अगर कोई पॉजिटिव मरीज है तो पहले ही चिह्नित किया जा सके। यहां बताते चलें कि बुधवार को जिले में 301 मजदूरों की स्वास्थ्य जांच हुई थी जिसमें से 208 नारायणपुर में ही की गई थी। प्रवासी मजदूरों ने कहा कि स्वयं के पैसे से टिकट लेकर घर वापसी की है। घर आकर मजदूरों को काफी राहत मिली है।

क्या कहते हैं मजदूर : लॉकडाउन में हम लोग बेंगलुरु में फंस गए थे। अब घर वापस आकर अच्छा लग रहा है। वहां पर भवन निर्माण में कार्य करते थे। पूर्णबंदी में वहां राशन की व्यवस्था किसी तरह हो जाती थी। उन्होंने सरकार और प्रशासन को इसके लिए धन्यवाद दिया है। कहा काम मिलने पर फिर लौटेंगे। प्रकाश मोहली, प्रवासी मजदूर

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कोलकाता में काम करते हैं। लॉकडाउन में वहीं फंस गए थे। अब घर आकर काफी अच्छा लग रहा है। सरकार के प्रयासों की हम लोग सराहना करते हैं। वहां पर राशन उपलब्ध हो जा रहा था। खुद किराया देकर घर लौटे हैं। अब यहां आकर सुकून महसूस हो रहा है। मानसून भी आनेवाला है। इस वर्ष घर में रहकर जमकर खेती करेंगे और अनाज उपजाएंगे।

जाकिर अंसारी, प्रवासी मजदूर।

Posted By: Jagran

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