नोवामुंडी, जागरण संवाददाता। झारखंड के पश्चिमी सिहभूम जिले के मनिकपुर गांव में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता देखने गया केंदुआ गांव के ईचाबुरू का रहनेवाला जोया तिरिया (48 वर्ष) बीस दिन बीतने के बाद भी घर नहीं लौटा है। परिजनों ने लापता जोया तिरिया की हत्या की आशंका जताई है। घटना जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के केंदुआ गांव के ईचाबुरू की है। जोया तिरिया की पत्नी पानी गोप उर्फ टूनी गोप अपनी 12 बर्षीय बेटी के साथ उन्हें घर लौटने के इंतजार में राह देख रहे हैं।

पानी गोप ने आपबीती बताते हुए कहा कि उनके पति 26 सितंबर को यह कहकर घर से निकले थे कि जैंतगढ़ साप्ताहिक बाजार में खरीदारी के बाद मनिकपुर में हो रहे फुटबॉल मैच देखने जा रहा हूं। फुटबॉल मैच आयोजित हुए बीस दिन बीत गए परंतु लापता जोया तिरिया आज तक घर नहीं लौटा है। गांव वाले से लेकर रिश्तेदारों से भी पूछताछ की गई कहीं कोई सटीक जवाब नहीं मिला। गांव वाले से केवल इतना जवाब मिला कि जैंतगढ़ बाजार से सवारी गाड़ी में सवार होकर मनिकपुर गांव के निकट फुटबॉल मैच देखने के लिए उतर गया था। पानी गोप ने चचेरे भाई गांव के डाकुवा पचाय तिरिया से मुलाकात कर सब कुछ बता दिया, फिर भी डाकुवा ने चुप्पी साध ली है।

बताया जाता है कि ईचाबुरू गांव में मुंडा पद रिक्त रहने के कारण डाकुवा ही मुंडा का कार्यभार संभाल रहा है। सगे भाई गोदा तिरिया मूकदर्शक बना हुआ है। दस साल पहले भी जोया तिरिया को गांव समीप रात को पीटकर जख्मी हालत में छोड़ दिया था। बाद में वहां से किसी तरह घर लौट गया था। पानी गोप ने आशंका व्यक्त करते बताया कि उनके पति ओझा-गुनी का भी काम करने के कारण उन्हें गांव वाले कई बार डायन का आरोप लगाकर झगड़ चुके हैं। इसी को लेकर उसे फुटबॉल मैच देखकर लौटने के दौरान रास्ते में हत्या कर साक्ष्य को छिपाने के लिए शव को कहीं दफना दिया होगा। बताया कि यदि मां-बेटी मिलकर जगन्नाथपुर थाना जाकर शिकायत करते हैं तो हमारी भी हत्या की जा सकती है। इसी कारण घर में घुट-घुट कर जीना पड़ रहा है। जगन्नाथपुर थाना जाने के लिए सगे भाई गोदा तिरिया और डाकुवा पचाय तिरिया भी साथ नहीं दे रहे हैं।

Edited By: Rakesh Ranjan