ईचागढ़ में रात को अचानक घर में घुसा गजराज, दीवार तोड़कर चट कर गया 80 किलो चावल
ईचागढ़ के पिलीद गांव में एक जंगली हाथी ने विक्रम सिंह मुंडा के घर की दीवार तोड़ दी और करीब 70-80 किलो चावल खा गया।

हाथी ने तोड़ा घर। (जागरण)
HighLights
हाथी ने विक्रम सिंह मुंडा के घर की दीवार तोड़ी।
घर में घुसकर करीब 70-80 किलो चावल खा गया।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मुआवजे और निगरानी की मांग की।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। ईचागढ़-सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है।
हाथियों के लगातार गांवों में प्रवेश करने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ताजा मामला सितु पंचायत के पिलीद गांव का है, जहां शनिवार की रात करीब 10 बजे एक जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया।
हाथी ने विक्रम सिंह मुंडा के घर की दीवार तोड़ दी और मकान के अंदर घुसकर करीब 70 से 80 किलो चावल खा गया। हालांकि, इस दौरान घर में मौजूद परिवार के सभी सदस्यों ने किसी तरह अपनी जान बचा ली। राहत की बात रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। दीवार तोड़कर हाथी घर में घुसा और चावलों को चट कर गया।
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात अचानक एक जंगली हाथी पिलीद गांव पहुंच गया. इसके बाद हाथी ने विक्रम सिंह मुंडा के मकान को निशाना बनाया।
हाथी ने घर की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश कर गया और वहां रखे चावल को खाने लगा। ग्रामीणों के अनुसार हाथी करीब 70 से 80 किलो चावल खा गया।
हाथी के अचानक घर में घुसने से परिवार के सदस्यों में अफरा-तफरी मच गयी। सभी ने किसी तरह सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। वहीं, हाथी के हमले से मकान की दीवार क्षतिग्रस्त हो गयी।
हाथियों के आतंक से रातभर दहशत में रहे ग्रामीण
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों में भी भय का माहौल बन गया। रात के अंधेरे में गांव में हाथी की मौजूदगी के कारण लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। हाथी कभी घरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं तो कभी लोगों की संपत्ति को नष्ट कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों को हर समय जान-माल की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित परिवार को हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने, ग्रामीणों को समय रहते अलर्ट करने और हाथियों के गांवों में प्रवेश को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।