जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : जमशेदपुर के नामकरण के 100 वर्ष पूरे होने पर टाटा स्टील की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने बिष्टुपुर स्थित राम मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर कमेटी के सदस्यों से मंदिर का इतिहास जानकर उपराष्ट्रपति भावुक हो गए। एक्सएलआरआइ स्थित टाटा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के साथ राम मंदिर पहुंचे उपराष्ट्रपति ने हाथ-पैर धोकर भगवान श्रीराम, हनुमान व माता सीता के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने राम मंदिर परिसर में ही स्थापित भगवान बालाजी के भी दर्शन किए। वहा पंडित कोंडमाचारूलू ने उन्हें फूल व शॉल देकर सम्मानित किया। लगाया आवला का पौधा उपराष्ट्रपति ने बिष्टुपुर राम मंदिर कमेटी पदाधिकारियों और जमशेदपुर आध्रा समाज के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने पूछा कि आप लोग जमशेदपुर में ही रहते हैं? कहा कि आध्र प्रदेश से इतनी दूर जमशेदपुर में भी आध्रा समाज के लोग हैं और अपनी परंपरा, रीति- रिवाज का अच्छी तरह से निर्वहन कर रहे हैं, यह अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि परंपरा को जीवित रखना और भारतीय संस्कृति का संरक्षण हर भारतीय का परम कर्तव्य है। यह कार्य राम मंदिर जमशेदपुर आध्र समाज के लोग बखूबी कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने राम मंदिर परिसर में ही आवला का पौधा लगाया। उपराष्ट्रपति ने मंदिर परिसर में तत्कालीन उपराष्ट्रपति वीवी गिरी द्वारा लगाए गए पीपल के पेड़ को देखा और चकित हो गए। मंदिर परिसर की व्यवस्था की उन्होंने सराहना की। इस मौके पर राम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष वीडी गोपाल कृष्णा, महासचिव एसवी दुर्गा प्रसाद शर्मा, उपाध्यक्ष जम्मी भास्कर, राम नारा व श्रीनिवास राव, सचिव प्रभाकर राव, वाई. श्रीनिवास, एम. चंद्रशेखर सहित कुल 38 सदस्यों समेत जमशेदपुर आध्र समाज के कई प्रमुख लोग उपस्थित थे।

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