संवाद सहयोगी, घाटशिला : गौरी कुंज उन्नयन समिति की ओर से बुधवार को विभूति भूषण बंदोपाध्याय की 125वीं पुण्यतिथि समारोह पूर्वक मनायी गयी। इस मौके पर उनके आवास गौरी कुंज परिसर में स्थापित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित की गई। इसके बाद अपूर पाठशाला का उद्घाटन घाटशिला कालेज के प्रो. संदीप चंद्रा ने किया। उन्होंने विभूति बाबू के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि समिति गठन के 11 वर्ष बाद आज विभूति बाबू को सच्ची श्रद्धांजलि दी गई। उनकी इच्छा थी कि क्षेत्र के लोग बांग्ला भाषा में अपनी परंपरा को बनाए रखे। यहां के बच्चे व युवा बांग्ला भाषा से दूर होते जा रहे हैं। उन्हें बांग्ला में शिक्षा देने के लिए निश्शल्क अपूर पाठशाला खोला गया है। प्रत्येक रविवार को दो घंटा कक्षा चलेगी, जो भी बांग्ला सीखना चाहते हैं वे यहां से जुड़े। कार्यक्रम के अंत में बांग्ला गीत संगीत का आयोजन किया गया। मौके पर मुख्य रूप से संदीप राय चौघरी, मिटू विश्वास, सत्यजीत कुंड, रविन्द्र नाथ दास, सुशांत सीट, आलोक नाथ चक्रवर्ती, डा. भवानी चक्रवर्ती, साधु चरण पाल, साधना पाल, रीना सरकार, सुजन सरकार, मानषी चटर्जी, वापी घोष, हनु बारिक, देवाशीष दास गुप्ता, कांचन कर, अर्जुन ¨सह सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे। दूसरी ओर घाटशिला के कॉलेज रोड में स्थित विभूति संस्कृति संसद भवन परिसर में विभूति भूषण की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि देकर नमन किया गया। जयंती के अवसर पर लोगों ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला। इस मौके पर झारखंड कॉपर मजदूर यूनियन के महासचिव देवी प्रसाद मुखर्जी, पूर्व उपप्रमुख जगदीश भगत, स्काउट एंड गाइड के जिला संगठन आयुक्त नरेश कुमार, सेवानिवृत्त शिक्षक डीपी हाटुई, प्रो सुबोध कुमार, रीता मंडल समेत कई लोग मौजूद रहे।

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