जमशेदपुर, जागरण संवाददाता।  दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह के दो शूटर सोनू सिंह और विनोद सिंह को जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी एनजेला जॉन की अदालत ने आर्म्स एक्ट के मामले में तीन-तीन साल कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा मंगलवार को सुनाई।

अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक जयप्रकाश ने मजबूती से अपना पक्ष रखा। मामले में 26 मार्च को सुनवाई पूरी हो गई थी। सरकार की ओर से अखिलेश सिंह गिरोह के मामले को देखने वाले विशेष लोक अभियोजक जयप्रकाश के नहीं होने के कारण मामले की सुनवाई नहीं हो पा रही थी। सजा पाने वाले दोनों अभियुक्त बर्मामाइंस इलाके के रहने वाले हैं। बागबेड़ा कालोनी निवासी ट्रांसपोर्टर उपेंद्र सिंह की जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय परिसर के बार भवन में 30 नवंबर 2016 को गोली मारकर दी गई थी। हत्या मामले में भीड़ ने सोनू सिंह और विनोद सिंह को घेरकर पकड़ लिया था। इसके बाद सीतारामडेरा थाना की पुलिस को सौंप दिया था। दोनों के पास से पिस्तौल, कारतूस और अन्य सामान बरामद किए गए थे। पूछताछ में दोनों ने सीतारामडेरा थाना की पुलिस को बताया था कि अखिलेश सिंह और हरीश सिंह के कहने पर उपेंद्र सिंह की हत्या दोनों ने कर दी थी। हत्या की योजना बर्मामाइंस थाना क्षेत्र सुनसुनिया गेट के पास अनिल सिंह की होटल में बनी थी। योजना में हरीश सिंह, अनिल सिंह समेत कई लाेग शामिल थे। सीतारामडेरा थाना में हत्या की प्राथमिकी दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह, हरीश सिंह, जसवीर सिंह, संजय जोजो समत 10 के खिलाफ दर्ज की गई थी। हत्या मामले की सुनवाई अदालत में अलग से चल रही है। हत्या के मामले में हरीश सिंह जमानत पर है।

Edited By: Rakesh Ranjan