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मोबाइल पर बात करते समय अब नहीं कटेगी आवाज! TRAI ने बदले नियम; 1 जनवरी 2027 से मिलेगा फायदा

Published: Wed, 04 Nov 2026 05:10 PM (IST)

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 'दूरसंचार इंटरकनेक्शन (तीसरा संशोधन) विनियम, 2026' जारी किए हैं। ये नए नियम 1 जनवरी ...और पढ़ें

1 जनवरी 2027 से लागू होंगे नए इंटरकनेक्शन नियम।

1 जनवरी 2027 से लागू होंगे नए इंटरकनेक्शन नियम।

HighLights

  1. 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे नए इंटरकनेक्शन नियम।

  2. बेहतर कॉल क्वालिटी, कम कॉल ड्रॉप, निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जमशेदपुर समेत देश भर के मोबाइल उपभोक्ताओं को जल्द ही खराब नेटवर्क, काल ड्राप और आवाज कटने की समस्या से बड़ी राहत मिलने वाली है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने मंगलवार को बहुप्रतीक्षित ‘दूरसंचार इंटरकनेक्शन (तीसरा संशोधन) विनियम, 2026’ जारी कर दिया।

इन नए नियमों का सीधा असर आम मोबाइल यूजर पर पड़ेगा, जिससे विभिन्न कंपनियों के बीच होने वाली काल अधिक स्पष्ट, तेज और निर्बाध होगी। यह नई व्यवस्था एक जनवरी 2027 से प्रभावी होगी।

आम उपभोक्ताओं को सीधे मिलेंगे ये फायदे

विभिन्न नेटवर्क (जैसे जियो, एयरटेल, वीआई और बीएसएनएल) के बीच अब काल कनेक्ट होने में लगने वाला समय (लेटेंसी) काफी घट जाएगा। पुरानी तकनीक की जगह आधुनिक नेटवर्क आने से बातचीत के दौरान आवाज की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा और काल कटने की समस्या लगभग खत्म होगी। इसके अलावा डेटा व वॉयस दोनों की बैंडविड्थ क्षमता मजबूत होगी।

तीन साल में हटेगी पुरानी तकनीक

ट्राई ने निर्देश दिया है कि नए नियमों के लागू होने के बाद सभी नए इंटरकनेक्शन अनिवार्य रूप से आधुनिक आईपी (इंटरनेट प्रोटोकॉल) आधारित होंगे। वहीं, पुरानी ई-1/टीडीएम तकनीक पर चल रहे मौजूदा प्वाइंट ऑफ इंटरकनेक्शन (पीओआई) को अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह आइपी में तब्दील करना होगा।

साथ ही कॉल ट्रैफिक को स्थानीय स्तर (एसडीसीए/एलडीसीए) के बजाय बड़े सर्विस एरिया (एलएसए) स्तर पर शिफ्ट किया जाएगा, जिससे नेटवर्क जाम की समस्या दूर होगी।

मनमानी पर लगेगा जुर्माना

ट्राई ने कंपनियों की मनमानी रोकने के लिए सख्त और श्रेणीबद्ध वित्तीय जुर्माने का प्रावधान किया है। साथ ही इंटरकनेक्शन चार्ज के बकाए पर ब्याज दर को एसबीआइ के एक वर्षीय एमसीएलआर जमा दो प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया है।

कंपनियों के लिए बैंक गारंटी की समीक्षा अवधि भी छह से बढ़ाकर बारह महीने कर दी गई है, जिससे दूरसंचार क्षेत्र में वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे। 

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