सरायकेला, जासं। कोरोना कहर के साथ-साथ सरायकेला सहित आसपास के क्षेत्र में बीते 5 दिनों से मौसम का कहर भी जारी है। प्रतिदिन दोपहर से क्षेत्र में भारी गर्जन के साथ तेज हवाओं और बारिश का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में गुरुवार की शाम तकरीबन 4: 30 बजे सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग पर कीता गांव के समीप एक हृदय विदारक घटना घटी। हादसे में दो बच्चों की मौत हो गइ।

तेज हवा के बीच मुख्य सड़क मार्ग के किनारे स्थित विशालकाय आम के पेड़ के नीचे कीता गांव के बच्चों सहित दर्जनों ग्रामीण आम चुनने के लिए पहुंचे। इसी बीच उक्त विशालकाय आम के पेड़ के गिरने से उसके नीचे दबकर कीता गांव के ही दो बच्चे 12 साल के दीपक गोप और 10 साल के हिम्मत लाल पड़िहारी की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।  दोनों बच्चों के शव कई टुकड़ों में बंट गए । गिरे हुए उक्त विशालकाय आम की पेड़ की चपेट में आने से गांव का 28 वर्षीय युवक रूपलाल मांझी गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जमशेदपुर के एमजीएम के लिए रेफर कर दिया गया। इसी क्रम में एक 407 वाहन के अगले हिस्से आम की पेड़ की टहनी की चपेट में आने से बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

बडी मशक्कत से निकाला गया शव

घटना के बाद चीख, पुकार की आवाज सुनाई देने लगी। विशाल पेड़ को हटाने के लिए थाना प्रभारी व ग्रामीणों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। ग्रामीणों ने टांगी से पेड़ को टुकड़ों में काटकर हटाया। उधर पेड़ के नीचे दबे शव निकालने में दिक्कत होने के कारण ग्रामीण आक्रोशित भी हो रहे थे। थाना प्रभारी मनोहर कुमार ने ग्रामीणों को समझाया। जेसीबी एवं लोगों की मदद से पेड़ को काटकर हटाया गया। मृतक बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

सरायकेला थाना प्रभारी ने दिखाई सक्रियता

सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग पर कीता गांव के समीप विशालकाय आम पेड़ गिरने के बाद दोनों ओर से वाहनों की लंबी कतारें लग गई। घटना की सूचना के साथ ही मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे सरायकेला थाना प्रभारी मनोहर कुमार ने जेसीबी मंगवा कर गिरे आम के पेड़ को हटाने का काम शुरू करवाया गया। जिसके बाद ही आम पेड़ के नीचे दबे दोनों ही बच्चों के क्षत-विक्षत शव को बाहर निकाला जा सका। इसके लिए गांव वालों ने थाना प्रभारी और पुलिस बल का आभार भी जताया। इधर, गिरा हुआ आम का वृक्ष इतना विशालकाय था कि जेसीबी के माध्यम से भारी मशक्कत के बाद 2 घंटों में आम के पेड़ को मुख्य सड़क मार्ग से हटाया जा सका। जिसके बाद तकरीबन शाम के 6 बजे से मुख्य सड़क मार्ग पर वाहनों का परिचालन सुचारू हो सका।

आपदा प्रबंधन के तहत मिलेगा मुआवजा

इस संबंध में सरायकेला अंचलाधिकारी सुरेश कुमार सिन्हा द्वारा मृतक बच्चों के परिजनों को आपदा प्रबंधन के नियमों के तहत मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है। सरायकेला थाना प्रभारी द्वारा ग्रामीणों को वर्तमान में जारी कोरोना संक्रमण को देखते हुए अपने घरों में बने रहने की अपील की गई। साथ ही तेज आंधी या बारिश के समय घरों से बाहर निकलकर पेड़ के नीचे आम चुनने जैसे कार्य करने से परहेज करने के लिए कहा गया।