चाईबासा : चाईबासा का नटवर लाल अंतत: सलाखों के पीछे चला गया है। मुफस्सिल थाना की पुलिस जालसाज डीएल फ़ाउंडेशन के निदेशक बिशाल गोप को गिरफ्तार करने में सफल हो गयी है। गुरुवार को उसे न्यायिक हिरासत में चाईबासा मंडलकारा भेज दिया गया। बिशाल गोप ने काफी लोगों से जालसाजी कर बड़ी रकम की धोखाधड़ी की है।

पुलिस के संज्ञान में मामला तब आया जब सेना से सेवानिवृत हुए डोमरडीहा निवासी रमेश चंद्र गोप ने मुफस्सिल थाना में बिशाल गोप के खिलाफ 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करायी। मुफ्फसिल थाना प्रभारी पवनचंद्र पाठक ने बताया कि अभी तक 13 लोग सामने आये हैं, जिनसे बिशाल गोप ने ठगी की है। करीब 1.5 करोड़ रुपये रुपये की जालसाजी के बारे में पता चला है। आने वाले दिनों में ठगी का शिकार कई अन्य लोग भी सामने आ सकते हैं। जालसाजी का आंकड़ा 1.5 करोड़ से काफी ज्यादा होने की उम्मीद हम लोग कर रहे हैं।

शेयर बाजार में पैसा निवेश करने का झांसा देकर की ठगी

ठगी का शिकार हुए 49 वर्षीय रमेश चंद्र देवगम ने दर्ज प्राथमिकी में बताया कि मैं मुफस्सिल थाना के डुमरडीहा गांव का रहने वाला हूं। 2018 में सेना से सूबेदार के पद से रिटायर हुआ हूं। रिटायरमेंट के बाद चाईबासा आने पर कुचाई के बिशाल गोप से परिचय हुआ।

बिशाल ने मुझे बताया कि वो डिजिटल लाइफ के नाम से वर्ष 2017 से शेयर मार्केट में निवेश कर रहा है। कुछ वर्षों में पैसा दोगुना हो जाता है। जिन लोगों ने पैसा इन्वेस्ट किया उनको पैसा लौटा देता हूं। अनेक लोगों ने उसके डिजिटल लाइफ के माध्यम से पैसा इन्वेस्ट किया है। उसकी बातों में आकर मैंने सेवानिवृत्ति में मिले 11 लाख रुपये बैंक खाते के माध्यम से हस्तांतरित किये।

2 साल बाद का पीडीएस चेक देकर जीता विश्वास

उसी समय बिशाल गोप ने 2 वर्ष की आगे की तिथि दर्ज कर दोगुना अर्थात 22 लाख का चेक हस्ताक्षर कर मुझे दे दिया। समयावधि होने पर मैं चेक लेकर बिशाल के पास गया तो उसने कोरोना का हवाला देकर चेक जमा करने से मना कर दिया। इसके बाद वह टालमटोल करता रहा।

मूलधन वापस करने के लिए कहा तो उसने कुछ दिन का समय मांगा। लाकडाउन खुलने पर उसके जिला स्कूल के पास स्थित आफिस गया तो ताला बंद पाया। उसके सुफलसाईं घर में गया तो वहां भी नहीं मिला। इसके बाद मैं कानून की शरण में आ गया। मुझे जानकारी मिली है कि बिशाल ने सेना के अनेक जवानों का रुपया डबल करने के नाम पर हड़प लिया है।

ये हुए ठगी के शिकार

बड़ाचीरू के विजय सिंह सुरीन से 2018 में 14 लाख 54 हजार, मंझारी के बरकीमारा के चंद्रमोहन बिरुवा से 7 लाख 74 हजार, सोनुवा के झुलूरवान के प्रताप सिंह हेम्बम से 9 लाख, चक्रधरपुर के बोड़ोदोरी के मनोज समद से 5 लाख, बाईपीढ के श्याम सुंदर केराई से 18 लाख, खूँटपानी के दोपाई के छोटेलाल मुंडा से 16 लाख रुपये, टोकलो के जगदीश चंद्र केराई से 12 लाख, राजनगर के राजाबासा निवासी छोटाराय राम से 20 लाख, बरकुंडिया की नीता बिरुली से 10 लाख, खरसवां के राजेंद्र कुमार सोय से 7 लाख, सोनुवा के मदांगज़हीर निवासी सिद्धांत कुमार बोदरा से 7 लाख, चक्रधरपुर के रांगामाटी निवासी रंदो जमुद से 13 लाख रुपये की ठगी हुई है।

Edited By: Jitendra Singh